Tuesday, March 10, 2026
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डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से क्रूड की कीमत में भारी गिरावट, अब क्या रही गई एक बैरल की कीमत?!..

डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से क्रूड की कीमत में भारी गिरावट, अब क्या रही गई एक बैरल की कीमत?!..
डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान से क्रूड की कीमत में भारी गिरावट, अब क्या रही गई एक बैरल की कीमत?!..

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के कारण सोमवार को कच्चे तेल की कीमत तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी लेकिन आज शुरुआती कारोबार में इसमें गिरावट दिख रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पश्चिम एशिया में लड़ाई जल्दी खत्म सकती है। इससे लंबे समय तक ग्लोबल ऑयल सप्लाई के बाधित होने से जुड़ी चिंता कुछ समय हुई है। इससे कच्चे तेल की कीमत में आज गिरावट आई है।

ब्रेंट क्रूड 10.55 डॉलर यानी 10.66 फीसदी गिरावट के साथ 88.41 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी $9.95 यानी 10.50 फीसदी गिरावट के साथ 84.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। पिछले सत्र में कच्चे तेल की कीमत 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी जो 2022 के बाद इसका उच्चतम स्तर है। सऊदी अरब और कई दूसरे देशों के उत्पादन रोकने से ग्लोबल सप्लाई में बाधा आने की आशंका पैदा हो गई थी। इससे कच्चे तेल की कीमत में उबाल आया था।

कब तक चलेगा युद्ध?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत के बाद कच्चे तेल की कीमत में कुछ नरमी आई। पुतिन ने ईरान युद्ध को तत्काल बंद करने के लिए ट्रंप के सामने कुछ प्रस्ताव रखे। ट्रंप ने सीबीएस न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध अंतिम चरण में है और अमेरिका शुरुआती आकलन से बहुत पहले इस काम को निपटाने जा रहा है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ट्रंप ने पहले कहा था कि ईरान युद्ध चार से पांच हफ्ते खिंच सकता है।

हालांकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने हमले जारी रखे तो ईरान इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी एक्सपोर्ट नहीं होने देगा। ईरान ने होर्मुज की खाड़ी से जहाजों की आवाजाही रोक रखी है। दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल यहीं से होकर गुजरता है। खाड़ी देशों ने कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती की है।

उत्पादन में कटौती
ओपेक देशों में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश इराक ने क्रूड का रोजाना 13 लाख बैरल उत्पादन कम किया है। इराक का कहना है कि उसके पास स्टोरेज कैपेसिटी नहीं है। इसी तरह कुवैत ने भी उत्पादन कम करना शुरू कर दिया है। जी-7 देशों ने सोमवार को कहा कि वे कच्चे तेल की कीमत को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार हैं लेकिन उन्होंने एमरजेंसी रिजर्व को रिलीज करने का कोई वादा नहीं किया।

me.sumitji@gmail.com

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