Tuesday, March 10, 2026
IndiaTrending

अजब: ट्रेन का एक पहिया होता है इतना भारी, पूरी दम लगाकर भी अपनी सूंड से नहीं उठा पाएगा हाथी!..

अजब: ट्रेन का एक पहिया होता है इतना भारी, पूरी दम लगाकर भी अपनी सूंड से नहीं उठा पाएगा हाथी!..

Train Wheel Weight: मालगाड़ियों के पहिये यात्री ट्रेनों की तुलना में ज्यादा मजबूत और भारी बनाए जाते हैं। मालगाड़ी को यात्री ट्रेनों की तुलना में अधिक वजन ढोना पड़ता है। रेलवे में पहिये अकेले इस्तेमाल नहीं होते। बल्कि दो पहियों को एक मजबूत लोहे की धुरी से जोड़कर चलने लायक बनाया जाता है। जिसे व्हीलसेट कहते हैं।

अजब: ट्रेन का एक पहिया होता है इतना भारी, पूरी दम लगाकर भी अपनी सूंड से नहीं उठा पाएगा हाथी!..

Train Wheel Weight: कहते हैं कि हाथी बहुत ही ज्यादा बलशाली जानवर होता है। कई बार जब वह गुस्से में होता है तो पूरा इलाका तहस-नहस कर देता है। कई बार तो वह भारी-भरकम पेड़ भी अपने सूंड से उखाड़कर फेंक देता है। दूसरी तरफ आज हम आपको ट्रेन के एक पहिए का वजन बताने जा रहे हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि ट्रेन के एक पहिए का वजन इतना अधिक होता है कि हाथी चाहकर भी इसे अपनी सूंड से उठा नहीं सकता है। अब आप यकीनन सोच में पड़ गए होंगे कि ट्रेन के पहिए का वजन कितना होता है?

कितना होता है ट्रेन के एक पहिए का वजन

चलिए हम आपको ट्रेन के पहिए के वजन के बारे में सारी बातें विस्तार से बताते हैं। हम सभी जानते हैं कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में चौथे नंबर पर आता है। भारतीय रेल से हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं। ट्रेन के सबसे महत्वपूर्ण इसके पहिए होते हैं। भले ही देखने में यह छोटे नजर आते हैं, लेकिन यह वास्तव में काफी भारी और काफी ज्यादा मजबूत होते हैं। ट्रेन की रफ्तार भी इसके पहियों पर निर्भर करती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक ट्रेन के एक पहिये का वजन तकरीबन 250 से 400 किलोग्राम के बीच होता है। हालांकि, यह वजन ट्रेन के प्रकार पर निर्भर करता है।

डेढ़ टन तक होता है व्हीलसेट का वजन

मालगाड़ियों के पहिये यात्री ट्रेनों की तुलना में ज्यादा मजबूत और भारी बनाए जाते हैं। मालगाड़ी को यात्री ट्रेनों की तुलना में अधिक वजन ढोना पड़ता है। रेलवे में पहिये अकेले इस्तेमाल नहीं होते। बल्कि दो पहियों को एक मजबूत लोहे की धुरी से जोड़कर चलने लायक बनाया जाता है। जिसे व्हीलसेट कहते हैं। एक व्हीलसेट और एक एक्सल का कुल वजन तकरीबन एक से डेढ़ टन तक होता है। इतने भारी हिस्सों को उठाने और लगाने के लिए रेलवे वर्कशॉप में मशीनों और क्रेन का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रेन के इन पहियों को खास तरह के स्टील से बनाया जाता है। जो काफी ज्यादा मजबूत होता है। वहीं एक हाथी अपनी सूंड से तकरीबन 250 से 300 किलोग्राम तक ही वजन उठा सकता है। अगर पूरे व्हीलसेट की बात आए तो इसे उठाना तो दूर हाथी के लिए इसे हिलाना भी कठिन हो जाएगा।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply