
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में संघर्ष गहरा गया है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। इसने दुनियाभर के बाजारों में हड़कंप मचा दी। घबराहट में बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ जिसने सोमवार को बाजार के उठने के चांस खत्म कर दिए। जब भारत में प्रमुख सूचकांक भरभराए तब पाकिस्तान में गिरावट की ऐसी आंधी चली कि बाजार को ही बंद करने की नौबत आ गई। पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (PSX) के अधिकारियों के मुताबिक, मार्केट में 5 फीसदी की बड़ी गिरावट आई। इससे पैनिक सेलिंग रोकने के लिए ऑटोमैटिकली 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई। बाजार खुलते ही बेंचमार्क इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में तेजी से गिरा, जो हाल के महीनों में सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी।
पाकिस्तान का KSE-100 इंडेक्स शुरुआती सेशन में 9,780 पॉइंट्स लुढ़ककर 147,715.95 अंक पर बंद हुआ। यह शुक्रवार के क्लोजिंग लेवल से 6.21 फीसदी की गिरावट दिखाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अल जजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एनालिस्ट्स ने इस भारी बिकवाली की वजह ग्लोबल अनिश्चितता को बताया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते टेंशन ने एनर्जी सप्लाई में रुकावट, महंगाई का दबाव और बड़े पैमाने पर आर्थिक अस्थिरता के डर को बढ़ा दिया।
45 मिनट तक पाकिस्तान में बाजार बंद
जब इंडेक्स 5 फीसदी लुढ़का तो PSX अधिकारियों ने ऑटोमैटिक सर्किट ब्रेकर लगा दिया। इससे 45 मिनट के लिए सारी ट्रेडिंग रोक दी गई। यह कदम इन्वेस्टर्स को मार्केट को हिला देने वाली खबरों को समझने, पैनिक कम करने और मार्केट की कंडीशन को ठीक रखने के लिए समय देने के लिए बनाया गया है।
सस्पेंशन के बावजूद ट्रेडिंग फिर से शुरू होने पर मार्केट पर दबाव बना रहा। इससे पार्टिसिपेंट्स के बीच लगातार अनिश्चितता दिखी। एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ग्लोबल डेवलपमेंट्स में उतार-चढ़ाव इन्वेस्टर्स के व्यवहार पर असर डाल सकता है।
सेंसेक्स-निफ्टी का बुरा हाल
वहीं, भारतीय शेयर बाजारों में भी बड़ी गिरावट आई। बीएसई सेंसेक्स में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। यह 1,352.74 अंक यानी 1.71 फीसदी लुढ़ककर 77,566.16 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 2,494.35 अंक यानी 3.16 फीसदी का गोता लगाकर 76,424.55 अंक पर आ गया था।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 422.40 अंक यानी 1.73 फीसदी टूटकर 24,028.05 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 752.65 अंक यानी 3.07 फीसदी की गिरावट के साथ 23,697.80 अंक पर आ गया था।
बाजार में गिरावट के बड़े फैक्टर
पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच भारी बिकवाली से बाजार नीचे आया। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुख और वेस्ट एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार लगभग तीन फीसदी की भारी गिरावट के साथ खुले। सत्र के अंत में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।’
उन्होंने कहा, ‘पश्चिम एशिया में संघर्ष गहराने के साथ कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इससे महंगाई और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।’

