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टेक डेस्क, नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि भारत में जल्द ही 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर इतिहास बन जाएंगे और उनकी जगह 11 अंकों के नंबर ले लेंगे। इस खबर ने करोड़ों मोबाइल यूजर्स के बीच हलचल मचा दी है। लोग परेशान हैं कि क्या उन्हें अपना सालों पुराना नंबर बदलना पड़ेगा? आइए, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के दिशा-निर्देशों के आधार पर इस वायरल खबर का ‘पोस्टमार्टम’ करते हैं और जानते हैं कि हकीकत क्या है।
11 अंकों का मोबाइल नंबर: आखिर कहाँ से शुरू हुई यह चर्चा?
भारत में मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखते हुए आने वाले समय में नए नंबरों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती हो सकती है। इसी भविष्य की जरूरत को देखते हुए TRAI ने एक परामर्श पत्र (Consultation Paper) जारी किया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि यदि मोबाइल नंबरों की क्षमता को 1000 करोड़ तक बढ़ाना है, तो 11 अंकों की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है। बस, इसी तकनीकी सुझाव को सोशल मीडिया पर ‘नया नियम’ बताकर फैला दिया गया।
क्या है वायरल खबर की सच्चाई? (TRAI का रुख)
TRAI ने इस मामले पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। वर्तमान में आम जनता के 10 अंकों वाले पर्सनल मोबाइल नंबरों को बदलने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। 11 अंकों का नंबर केवल एक लंबी अवधि का सुझाव है, जिस पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इसलिए, आपको अपना सिम कार्ड बदलने या नंबर अपडेट करने की कोई जरूरत नहीं है।
नंबर तो नहीं बदले, पर ये 3 बदलाव जरूर हुए हैं
भले ही आपका नंबर 10 अंकों का ही रहे, लेकिन TRAI ने टेलीकॉम व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
लैंडलाइन से कॉल का नियम: अब किसी भी लैंडलाइन फोन से मोबाइल पर कॉल करने के लिए नंबर के आगे ‘0’ (जीरो) लगाना अनिवार्य है। इससे करोड़ों नई नंबर सीरीज बनाने में मदद मिली है।
13 अंकों के नंबर: आम इंसानों के लिए नहीं, बल्कि मशीन-टू-मशीन (M2M) संचार (जैसे स्मार्ट मीटर, जीपीएस ट्रैकर्स या कार सिक्योरिटी सिस्टम) के लिए अब 13 अंकों के नंबरों का इस्तेमाल शुरू हो चुका है।
CNAP (कॉलर नाम प्रदर्शन): TRAI एक ऐसी तकनीक पर काम कर रहा है जिससे फोन आने पर कॉलर का वही नाम स्क्रीन पर दिखेगा जो उसके आधार कार्ड या केवाईसी (KYC) दस्तावेजों में दर्ज है।
भविष्य की नंबरिंग स्कीम क्या हो सकती है?
भारत में फिलहाल मोबाइल नंबर 9, 8, 7 और 6 की सीरीज से शुरू होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में 11 अंकों की व्यवस्था लागू होती है, तो मौजूदा नंबरों के आगे ‘9’ जोड़ने का विकल्प चुना जा सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, यह प्रक्रिया इतनी जटिल है कि इसे रातों-रात लागू करना संभव नहीं है।
उपयोगकर्ताओं के लिए जरूरी सलाह
ऐसी किसी भी भ्रामक खबर या अजनबियों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें जो आपका मोबाइल नंबर अपडेट करने का दावा करते हों। किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा TRAI की आधिकारिक वेबसाइट या अपने सर्विस प्रोवाइडर (Jio, Airtel, Vi) के संदेशों पर ही भरोसा करें। सतर्क रहें और अफवाहों से बचें।
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