इजराइल ईरान के बीच जो जंग शुरू हुई है वह खाड़ी के सभी मुस्लिम देशों में फैल गई है। सभी मुस्लिम देश आपस में लड़ रहे हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर या कहें ईरान के सुप्रीम रिलीजियस लीडर खामेनेई मारे गए हैं। यानी यह जंग अब शिया सुन्नी बवाल में बदलती जा रही है। लेकिन क्या इजराइल सच में यही चाहता था? क्या शिया सुन्नी जंग के बीच इजराइल यहूदियों का तीसरा सबसे बड़ा रहस्यमई मंदिर बनाने की कोशिश में है? सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम देशों में अफरातफरी मचाकर इजराइल यरूशलम में अल अक्सा मस्जिद को नष्ट करना चाहता है ताकि उसी जगह पर यहूदियों का तीसरा मंदिर बनाया जा सके। रूसी मीडिया के मुताबिक इजराइली सैनिकों की वर्दी पर एक होश उड़ा देने वाली चीज दिखी है।
दरअसल कई लोग दावा कर रहे हैं कि इजराइल यरूशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद को हटाकर वहां यहूदियों का सबसे बड़ा मंदिर बनाना चाहता है। आपको बता दें कि यरूशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद जिस टेंपल माउंट पर स्थित है, उसी जगह पर यहूदियों का प्राचीन मंदिर हुआ करता था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। टेंपल माउंट पर यहूदियों का पहला मंदिर किंग सोलमन ने बनवाया था जिसे सदियों पहले बेबिलोन के लोगों ने तोड़ दिया था। इसके बाद उसी जगह पर दूसरा मंदिर बनाया गया। लेकिन लगभग 2000 साल पहले रोमंस ने उस मंदिर को भी गिरा दिया। तभी से टेंपल माउंट पर कोई मंदिर नहीं है। टेंपल माउंट पर जिस जगह यहूदियों के दो मंदिर थे, उसी परिसर में अब अल अक्सा मस्जिद है।
आपको बता दें कि मक्का मदीना के बाद मुस्लिमों की सबसे पवित्र अल अक्सा मस्जिद ही मानी जाती है। लेकिन इजराइल के लोग सदियों से विरोध करते आए हैं कि जिस टेंपल माउंट पर अल अक्सा मस्जिद है, वहां पर यहूदियों का तीसरा मंदिर बनना चाहिए। इजराइल के लाखों लोगों ने कहा है कि अब टेंपल माउंट पर तीसरा मंदिर बनाने का समय आ गया है। यानी इसका सीधा मतलब यह है कि यहूदियों का तीसरा मंदिर तभी बन सकता है जब टेंपल माउंट परिसर से अल अक्सा मस्जिद हट जाए। एक प्रमुख अमेरिकी पत्रकार टकर कालसन ने ईरान के खिलाफ जंग को लीड कर रहे अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेग्सेथ का एक पुराना बयान पोस्ट किया जिसमें वो यहूदियों के तीसरे मंदिर को बनाने की वकालत कर रहे हैं। एस्टैब्लिशमेंट ऑफ द टेंपल ऑन द टेंपल। बयान पुराना है लेकिन बयान देने वाला शख्स आज ईरान के खिलाफ जंग को लीड कर रहा है। इजराइल के अखबारों में भी इस मुद्दे पर अब चर्चा हो रही है। रूसी मीडिया ने इजराइल के कुछ सैनिकों की फोटो पोस्ट की है जिसमें उनकी वर्दी पर टेंपल माउंट की तस्वीरें दिख रही हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या ईरान, इजराइल और मिडिल ईस्ट में जो कुछ हो रहा है वो एक धर्म युद्ध का हिस्सा है?



