Interesting Facts: आजादी के बाद भारत ने शुरुआत में इस समस्या को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की कोशिश की थी। इसके लिए भारत और पुर्तगाल के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई थी। हालांकि, पुर्तगाल की सरकार गोवा छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद गोवा के लोगों ने विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन शुरू किए।
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Interesting Facts: भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली थी। हालांकि, देश का एक ऐसा राज्य भी था, जिसे कभी अंग्रेज अपना गुलाम नहीं बना पाए थे। इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि यह राज्य आजादी के बाद भी विदेशी शासन के गुलाम रहा था और आजादी के 14 साल बाद जाकर भारत में शामिल हुआ था। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन सा राज्य है। चलिए हम आपको इस राज्य के बारे में पूरी जानकारी देते हैं। भारत का यह राज्य गोवा है।
आजादी के बाद भी गोवा पर था विदेशी शासन
आपको बता दें कि भारत की आजादी के दौरान गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा था। भारत की आजादी के लगभग 14 साल बाद तक गोवा पुर्तगाली शासन के अधीन रहा। गोवा को पुर्तगाली शासन से साल 1961 में आजादी मिली थी। गोवा पर पुर्तगालियों का शासन बहुत ज्यााद पुराना था। पुर्तगाली शासकों ने 16वीं सदी में गोवा पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद तकरीबन 450 सालों तक गोवा पर उनका नियंत्रण बना रहा था। यहां तक कि जब अंग्रेजों ने भारत छोड़ भी दिया था, तब भी गोवा तथा दमन और दीव पर पुर्तगाल का शासन था।
ऑपरेशन विजय के जरिए भारत को मिला था गोवा
आजादी के बाद भारत ने शुरुआत में इस समस्या को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने की कोशिश की थी। इसके लिए भारत और पुर्तगाल के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई थी। हालांकि, पुर्तगाल की सरकार गोवा छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। इसके बाद गोवा के लोगों ने विदेशी शासन के खिलाफ आंदोलन शुरू किए। आखिरकार साल 1961 में भारत ने सैन्य कार्रवाई का निर्णय लिया। इसे ‘ऑपरेशन विजय’ नाम दिया गया। भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर मात्र 36 घंटे की सैन्य कार्यवाई की और पुर्तगाली सेना ने हार मानकर आत्मसमर्पण कर दिया। आखिरकार 19 दिसंबर 1961 को गोवा भारत में शामिल कर लिया गया।





