
नई दिल्ली. सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई जाएंगी. सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति अब पहले से बेहतर हो रही है. यही वजह है कि सरकार को भरोसा है कि पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे जा सकते हैं. साथ ही सरकार ने यह भी साफ किया कि LPG की कीमतों में बढ़ोतरी को पेट्रोल-डीजल से जोड़ना सही नहीं है.
ऊर्जा भंडार मजबूत होने से बढ़ा भरोसा
सरकारी सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में हुई समीक्षा बैठकों में यह संकेत मिले हैं कि देश के ऊर्जा भंडार लगातार बेहतर हो रहे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कुछ समय पहले तक LPG स्टॉक को लेकर चिंता जताई जा रही थी, लेकिन अब स्थिति पहले से काफी सुधरी हुई बताई जा रही है. सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति में सुधार होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चिंता कम हुई है और यही वजह है कि सरकार ने इनकी कीमतें न बढ़ाने का भरोसा दोहराया है.
कच्चे तेल के आयात में बदली रणनीति
भारत ने कच्चे तेल के आयात को लेकर भी अपनी रणनीति में बदलाव किया है. पहले लगभग 60 प्रतिशत कच्चा तेल ऐसे स्रोतों से आता था जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते पर निर्भर नहीं थे, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है. यानी भारत ने अपने आयात स्रोतों को और विविध बनाया है. इससे वैश्विक तनाव या समुद्री मार्ग में रुकावट जैसी परिस्थितियों का असर कम करने में मदद मिल रही है और देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत हो रही है.
LPG को लेकर आरोपों पर सरकार की सफाई
सरकार ने LPG की कीमतों को लेकर विपक्ष के आरोपों को भी खारिज किया है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने की बात कही गई थी, यह LPG पर लागू नहीं होती. हालांकि LPG आपूर्ति को लेकर भी स्थिति बेहतर बताई जा रही है. कतर ने आश्वासन दिया है कि जैसे ही समुद्री मार्ग सामान्य होगा, भारत को फिर से गैस की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी. इसके अलावा कई देशों ने भारत को LNG सप्लाई का प्रस्ताव भी दिया है, जिससे ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है.



