Monday, March 16, 2026
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पाकिस्तानी सैनिक तब बिल से बाहर निकले मुनीर, ज्ञान की बातें सुनकर छूट जाएगी हंसी

पाकिस्तानी सैनिक तब बिल से बाहर निकले मुनीर, ज्ञान की बातें सुनकर छूट जाएगी हंसी
पाकिस्तानी सैनिक तब बिल से बाहर निकले मुनीर, ज्ञान की बातें सुनकर छूट जाएगी हंसी

इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि अब दोनों तरफ सिर्फ बंदूकों की भाषा ही सुनाई दे रही है. पाकिस्तानी सैनिकों की मौत और काफी नुकसान के बीच यहां से आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर ढूंढे नहीं मिल रहे थे लेकिन आज वो अचानक बिल से बाहर निकल आए हैं और आतंकवाद पर ज्ञान देते दिखाई दे रहे हैं. मुनीर को वही आतंकवाद डंस रहा है, जो वो खुद दुनिया भर में फैलाने का काम करते हैं.

मुनीर का ज्ञान सुनकर आएगी हंसी
पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को अफगान सैनिकों से डर लग रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उन्होंने बॉर्डर पर आमने-सामने की लड़ाई में पाकिस्तानी सैनिकों को मुंह की खाते देखा तो हार का नया बहाना निकाल लिया. मुनीर का मानना है कि अफगानिस्तान को जरूर किसी की मदद मिल रही है. उनका कहना है कि अगर अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हुआ, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

अफगानों के हाथों बुरी तरह पिटे पाकिस्तानी सैनिक

सरहद पर तैनात पाकिस्तानी सैनिकों को अपनी चौकियों से भागने पर मजबूर होना पड़ा, क्योंकि अफगान लड़ाकों ने भारी हथियारों और मोर्टारों से उन पर सीधा हमला बोल दिया था. कई जगहों पर तो पाकिस्तानी फौज की चौकियों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया और पाकिस्तानी सैनिकों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा. तालिबान की इस जवाबी कार्रवाई ने पाकिस्तान के घमंड को चूर-चूर कर दिया है, और अब आलम ये है कि बॉर्डर पर हर तरफ सिर्फ बारूद की गंध और मौत का सन्नाटा पसरा हुआ है. ये सब होने के बाद अब जाकर आसिम मुनीर की आवाज सुनाई दी है.

पाकिस्तानी आर्मी चीफ के कड़े तेवर के पीछे का डर
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने वजीरिस्तान के दौरे पर कड़े तेवर दिखाए हैं लेकिन इसके पीछे छुपा डर साफ नजर आ गया. उन्होंने कहा है कि अफगानिस्तान की मिट्टी का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमले करने के लिए किया जा रहा है, जो अब ‘नाकाबिल-ए-बर्दाश्त’ है. मुनीर का कहना है कि जब तक अफगानिस्तान इन आतंकी गुटों को पालना बंद नहीं करता, तब तक शांति की उम्मीद करना बेकार है.
पाकिस्तानी सेना अब तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे गुटों के लिए ‘फितना-अल-ख्वारिज’ शब्द का इस्तेमाल कर रही है. जनरल मुनीर ने चेतावनी दी है कि इन गुटों को अफगान तालिबान का जो समर्थन मिल रहा है, उसे कुचलने के लिए पाकिस्तान किसी भी हद तक जाएगा.

पाकिस्तान का ऑपरेशन किसी काम का नहीं
पाकिस्तान ने 26 फरवरी से ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर दिया है? पाकिस्तान का दावा है कि बॉर्डर के 53 ठिकानों पर आतंकियों ने हमले किए, जिसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के अंदर घुसकर नंगरहार और पक्तिका जैसे इलाकों में एयरस्ट्राइक की. इसके बाद तालिबान ने भी पलटवार किया, जिससे सीमा पर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं.

me.sumitji@gmail.com

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