
Stock Market News: 9 March 2026 से शुरू हो रहे हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार (Share Market News) में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. इसके पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं. बताते चलें कि पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया. वहीं निफ्टी (Nifty 50) 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत टूट गया था. अब जानिए कि सोमवार से किन कारणों से बाजार में उथल-पुथल मच सकती है.
West Asia में जारी संघर्ष और क्रूड ऑयल की कीमतों में बढ़ोतरी शेयर बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर रहेंगे. बाजार विश्लेषकों ने यह जानकारी दी है. विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों का रुख और विदेशी निवेशकों (FII Data) की ट्रेडिंग गतिविधि भी निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित करेगी.
Religare Broking Ltd के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि इस हफ्ते वैश्विक क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और West Asia में आगे होने वाले भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने वाले अहम बाहरी फैक्टर होंगे. उन्होंने कहा कि इस सप्ताह कुछ महत्वपूर्ण मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़े भी जारी होंगे जो निकट अवधि के बाजार सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकते हैं. घरेलू मोर्चे पर निवेशकों की नजर 12 मार्च को जारी होने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स CPI इन्फ्लेशन डेटा पर रहेगी. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Crude Oil Price) 8.52 प्रतिशत बढ़कर 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि वेस्ट एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण पूरा हफ्ता वोलेटाइल रह सकता है. निवेशक वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे, खासकर क्रूड ऑयल की कीमतों की चाल पर. उन्होंने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश प्रवाह और करेंसी की चाल भी महत्वपूर्ण संकेत देंगे क्योंकि इससे उभरते बाजारों जैसे भारत में वैश्विक पूंजी आवंटन और निवेशकों के भरोसे का संकेत मिलता है.
अजीत मिश्रा ने कहा कि West Asia में बढ़ते तनाव और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों की भावना पर दबाव पड़ा और बाजार में तेज गिरावट देखी गई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। West Asia संकट के बीच पिछले चार ट्रेडिंग सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों से लगभग 21,000 करोड़ रुपये यानी करीब 2.3 अरब डॉलर निकाल लिए.
Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि Middle East संघर्ष को लेकर अनिश्चितता, बाजार में लगातार गिरावट, क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के प्रति भारतीय अर्थव्यवस्था की संवेदनशीलता और रुपये में गिरावट की वजह से विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में लगातार बिकवाली की. उन्होंने कहा कि जब तक संघर्ष के नतीजे को लेकर स्पष्टता नहीं आती और क्रूड ऑयल की कीमतें कम नहीं होतीं, तब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के खरीदार के रूप में बाजार में लौटने की संभावना कम है. उन्होंने यह भी कहा कि 90 डॉलर से ऊपर ट्रेड कर रहा ब्रेंट क्रूड भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए अच्छी खबर नहीं है.






