
महराजगंज के गांधी नगर मोहल्ले में एसएसबी (SSB) की महिला जवान के पति ने अपने 2 मासूम बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हत्याकांड और सुसाइड की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। कमरे की दीवार पर मृतक ने अपनी पत्नी के चरित्र और किसी अन्य व्यक्ति से बात करने की बातें लिखी हैं।
अमरेश ने ससुाइड नोट में लिखा है कि मेरे साथ रहकर भी वंदना, सोनू को कॉल करती है। बोलती है तुम मेरा कुछ नहीं कर सकते हो। मैं अपने बच्चों को अपने से दूर नहीं कर सकता हूं। हमारी मौत का कारण मेरी पत्नी वंदना कुमारी (SSB) और उसका आशिक सोनू गौतम, वंदना के पिता रामअवतार, मां चंदा देवी, भाई नवीन कुमार, इसकी पत्नी सुनीता देवी और अमरनाथ हैं। ये लोग पैसे के लिए मेरी पत्नी को अपने घर पर बुलाते हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मेरी पत्नी हर महीने 5000 रुपए देती है। इनका आशिक सोनू गौतम ये भी पैसे लेता है। सोनू की वजह से आज पूरा परिवार खत्म हो गया।
ड्यूटी पर गई थी पत्नी
गाजीपुर के सैतपुर का रहने वाला अमरेश कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गांधीनगर में किराए के मकान में रहता था। पत्नी एसएसबी में 66वीं वाहिनी में तैनात है। सुबह महिला जवान घर का काम निपटाकर अपनी ड्यूटी पर दोमुहान घाट चली गई। उसके जाने के कुछ ही देर बाद अमरेश ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। मकान के निचले हिस्से में रहने वाले एक अन्य जवान को जब ऊपर से कुछ संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं तो उसने जाकर देखा और पूरी घटना का खुलासा हुआ।
मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट
मौके पर पहुंची पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों ने जब घटना का मंजर देखा तो देखने वालों की रूह कांप गई। कमरे के जंगले से महिला जवान की 4 वर्षीय मासूम बेटी कंचन का शव लटका हुआ था। वहीं 3 वर्षीय बेटे अमरेंद्र का शव जमीन पर पड़ा मिला। इन दोनों की जान लेने के बाद अमरेश ने खुद पंखे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।






