
YouTube Direct Messaging Rollout: आपको भी कभी न कभी यूट्यूब (YouTube) पर कोई वीडियो देखते हुए ऐसा लगा होगा कि इसे यहीं से अपने दोस्त के पास शेयर कर सकते हैं. अभी तक इसके लिए आप व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम का सहारा लेते थे. तो अब इसकी जरूरत कम होने वाली है. क्योंकि यूट्यूब ने अपने इन-ऐप मैसेजिंग फीचर का विस्तार करते हुए इसे यूरोप के 31 देशों में रोलआउट कर दिया है. यह कदम प्लेटफॉर्म पर यूजर एंगेजमेंट बढ़ाने और वीडियो शेयरिंग को आसान बनाने के लिए उठाया गया है. इस कदम से यूट्यूब अब केवल एक वीडियो प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप की तरह भी काम करेगा. अब आप सीधे यूट्यूब ऐप के अंदर ही अपने दोस्तों को डायरेक्ट मैसेज (DM) भेज पाएंगे और उनके साथ वीडियो पर गपशप कर सकेंगे.
क्यों खास है ये नया फीचर?
अक्सर लोग यूट्यूब वीडियो का लिंक कॉपी करके दूसरे ऐप्स पर शेयर करते हैं. लेकिन अब यूट्यूब चाहता है कि आप वीडियो देखें भी यहीं और उस पर चर्चा भी यहीं करें. इसके लिए कंपनी ने अब यूट्यूब ऐप के अंदर ही अपने पसंदीदा वीडियो, शॉर्ट्स (Shorts) और लाइव स्ट्रीम को सीधे दोस्तों तक भेजने का ऑप्शन दिया है. इससे आप चैटिंग भी कर सकते हैं. चैट शुरू करने के लिए आपको एक ‘इनवाइट लिंक’ भेजना होगा. अगर आपका दोस्त 7 दिनों के अंदर इसे स्वीकार कर लेता है, तो आप आपस में जुड़ जाएंगे. यहां यूजर न केवल वन-टू-वन बल्कि ग्रुप चैट्स भी कर सकते हैं और इमोजी या वीडियो के जरिए रिप्लाई भी दे सकते हैं.
किसे मिलेगा यह फीचर और क्या हैं शर्तें?
YouTube ने यह फीचर अभी केवल उन यूजर्स के लिए रखा है जिनकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है. इसके लिए आपको अपने गूगल अकाउंट में उम्र वेरिफाई करनी होगी. आप किसी को भी सीधे मैसेज नहीं कर पाएंगे. पहले आपको एक इनवाइट लिंक भेजना होगा. अगर सामने वाला 7 दिनों के अंदर आपका इनवाइट स्वीकार करता है, तभी आप चैट शुरू कर सकते हैं. इस फीचर का लाभ उठाने के लिए आपका यूट्यूब पर लॉग-इन होना और अपना चैनल होना जरूरी है.
इन देशों में शुरू हुई सर्विस
YouTube ने फिलहाल इस फीचर को अभी ऑस्ट्रिया, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, बेल्जियम और स्वीडन समेत यूरोप के 31 देशों में लाइव किया हुआ है. भारत और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में इसके जल्द आने की उम्मीद जताई जा रही है.
2019 में बंद हुआ था, अब हुई ‘घर वापसी’
बता दें कि यूट्यूब पर पहले भी ऐसा ही एक मैसेजिंग फीचर मिलता था. लेकिन कंपनी ने इसे धीरे-धीरे बंद कर दिया था. 2019 के बाद से यह फीचर पूरी तरह से डिसेबल हो गया था. लेकिन अब यूजर्स की भारी मांग और इंस्टाग्राम-टिकटॉक जैसे राइवल्स को टक्कर देने के लिए यूट्यूब ने इसे एक नए और सिक्योर अवतार में वापस लाने का फैसला किया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यूट्यूब का यह फीचर डेटा बचाने में भी मदद करेगा क्योंकि आपको बार-बार अलग-अलग ऐप्स के बीच स्विच नहीं करना पड़ेगा.


