Friday, March 6, 2026
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पाइल्स सर्जरी के बाद भी नहीं मिली छुट्टी, लोको पायलट ने अधिकारी के सामने उतारी पैंट

पाइल्स सर्जरी के बाद भी नहीं मिली छुट्टी, लोको पायलट ने अधिकारी के सामने उतारी पैंट
पाइल्स सर्जरी के बाद भी नहीं मिली छुट्टी, लोको पायलट ने अधिकारी के सामने उतारी पैंट

लखनऊ रेल मंडल में लोको पायलट राजेश मीना को पाइल्स सर्जरी के बाद छुट्टी न मिलने पर अपने वरिष्ठ अधिकारी के सामने पैंट उतारकर घाव दिखाने पड़े। रेलवे हेल्थ यूनिट द्वारा छुट्टी बढ़ाने की सिफारिश के बावजूद चीफ क्रू कंट्रोलर ने ‘सिक मेमो’ देने से इनकार कर दिया था।

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रेलवे के भीतर संवेदनहीनता और अमानवीय व्यवहार का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रेल महकमे को शर्मसार कर दिया है। लखनऊ रेल मंडल में तैनात एक लोको पायलट को पाइल्स (बवासीर) के ऑपरेशन के बाद भी जब अधिकारियों ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया, तो अपनी स्थिति साबित करने के लिए मजबूरन उसे अपने वरिष्ठ अधिकारी के सामने पैंट उतारकर ऑपरेशन के घाव दिखाने पड़े। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया और रेलवे कर्मचारियों के व्हाट्सएप समूहों में तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश है।

सर्जरी के बाद नहीं भरा था घाव, मांग रहे थे ‘सिक मेमो’

आज तक की खबर के अनुसार पीड़ित लोको पायलट राजेश मीना, जो अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से आते हैं, उन्होंने बीती 22 फरवरी को लखनऊ में पाइल्स की सर्जरी कराई थी। डॉक्टर ने उन्हें 22 से 28 फरवरी तक का आराम दिया था। अवकाश समाप्त होने के बाद जब वह ड्यूटी पर लौटने की स्थिति में नहीं थे, क्योंकि घाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ था, तो उन्होंने नियमानुसार रेलवे हेल्थ यूनिट से छुट्टी बढ़ाने की मांग की। डॉक्टर ने जांच के बाद उनकी स्थिति को गंभीर माना और छुट्टी बढ़ाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से ‘सिक मेमो’ लाने को कहा।

वरिष्ठ अधिकारियों पर संवेदनहीनता का आरोप

ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के नेताओं के अनुसार राजेश मीना ने ‘सिक मेमो’ के लिए पहले क्रू कंट्रोलर और फिर चीफ क्रू कंट्रोलर (CCC) रतन कुमार से बार-बार गुहार लगाई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मीना ने अपने मेडिकल दस्तावेज, लैब रिपोर्ट और यहां तक कि अपनी ड्रेसिंग भी अधिकारियों को दिखाई, लेकिन अधिकारियों का दिल नहीं पसीजा और उन्हें छुट्टी देने से साफ इनकार कर दिया गया। रेलवे सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों का दबाव उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने के लिए था

मजबूरी में उठाना पड़ा कदम, यूनियन ने जताई कड़ी आपत्ति

अधिकारियों द्वारा बार-बार अनसुना किए जाने और अपनी बीमारी पर संदेह जताने से आहत होकर राजेश मीना ने ऑफिस में ही अपनी पैंट उतार दी ताकि वह ऑपरेशन के ताजे घाव दिखाकर अपनी बात साबित कर सकें। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद कर्मचारी सन्न रह गए। बाद में एक यूनियन नेता के हस्तक्षेप के बाद ही उन्हें अवकाश मिल सका। एआईएलआरएसए (AILRSA) के नेताओं ने इस घटना को कर्मचारी के आत्मसम्मान और मानवाधिकारों का हनन करार दिया है। संगठन ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

me.sumitji@gmail.com

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