Friday, March 6, 2026
Cricket

“मुझे नही इसका असली हकदार वो है…. संजू सैमसन ने इस भारतीय खिलाड़ी को समर्पित किया अपना मैन ऑफ द मैच

“मुझे नही इसका असली हकदार वो है…. संजू सैमसन ने इस भारतीय खिलाड़ी को समर्पित किया अपना मैन ऑफ द मैच
“मुझे नही इसका असली हकदार वो है…. संजू सैमसन ने इस भारतीय खिलाड़ी को समर्पित किया अपना मैन ऑफ द मैच

Sanju Samson: आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम (Team India) का सामना इंग्लैंड की टीम (England Cricket Team) से हुआ, भारतीय टीम के लिए संजू सैमसन (Sanju Samson) ने 42 गेंदों में 8 चौके और 7 छक्के की मदद से 89 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसकी बदौलत भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवरों में 253 रन बनाने में सफल रही. भारतीय टीम को इस शानदार जीत के बाद फाइनल का टिकट मिला.

वहीं संजू सैमसन (Sanju Samson) को उनके प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया. इस अवार्ड को लेते हुए उन्होंने इसका असली हकदार किसी और को बताया है. संजू सैमसन ने क्या कुछ कहा है आइए जानते हैं.

Sanju Samson ने बांधे इंग्लैंड के तारीफों के पूल

भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन बनाए और इंग्लैंड की टीम 246 रनों तक पहुंच गई थी, जिसके बाद उन्होंने इंग्लैंड टीम की तारीफ़ की, वहीं संजू सैमसन (Sanju Samson) ने अपने शानदार बल्लेबाजी का राज बताते हुए कहा कि

“बहुत अच्छा लग रहा है. सच कहूँ तो, मुझे पता था कि पिछले मैच से मेरी फॉर्म अच्छी हो गई है, इसलिए मैंने सोचा कि मुझे इसे जारी रखना होगा. मुझे लगता है कि अपने देश के लिए महत्वपूर्ण मैचों में फॉर्म पाना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने सोचा कि बड़ा मैच है, मुझे अपनी बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाना होगा. इसलिए मैंने खुद को अतिरिक्त समय दिया. मैंने अपनी पारी का थोड़ा हिसाब लगाया. मैंने अच्छी तैयारी की थी और मुझे लगता है कि सब कुछ अच्छा रहा.”

इंग्लैंड की टीम को 246 रनों तक पहुंचने पर संजू सैमसन (Sanju Samson) ने तारीफ़ की, इंग्लैंड की तारीफ करते हुए भारतीय ओपनर बल्लेबाज ने कहा कि

“शुरुआत में थोड़ा भाग्य का साथ मिला और फिर मैं बस इसे जारी रखना चाहता था. वानखेड़े में खेलते हुए, हम जानते हैं कि यहाँ किसी भी स्कोर को रोका नहीं जा सकता, इसलिए मैं जितना हो सके उतने रन बनाना चाहता था. यहाँ तक कि 250 रन भी यहाँ चेज़ करने लायक लग रहे थे और इंग्लैंड ने बहुत अच्छा खेला. सारा श्रेय उनकी बल्लेबाजी को जाता है और हमने वाकई एक शानदार सेमीफाइनल खेला.”

संजू सैमसन ने बताया इंग्लैंड के पास था एडवांटेज

संजू सैमसन (Sanju Samson) ने कहा कि इंग्लैंड की टीम के पास दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने का फायदा था. उन्होंने माना कि वानखेड़े में लक्ष्य का पीछा करना ज्यादा आसान होता है. संजू सैमसन ने कहा कि

“आपको परिस्थितियों का आकलन करना होगा. हमने वानखेड़े में बहुत क्रिकेट खेला है, जैसा कि मैंने पहले कहा, यहाँ चेज़ करना थोड़ा आसान हो जाता है. उन्होंने टॉस जीता और हमें पहले बल्लेबाजी करने के लिए कहा. बल्लेबाजी की बात करें तो, जिस तरह से हमने बल्लेबाजी की, जिस तरह से मैंने और ईशान ने बल्लेबाजी की, अभिषेक के आउट होने के बाद हमने जो साझेदारी की, उससे मुझे लगा कि यहां 250 रन बनाना संभव है. इसलिए मुझे लगता है कि ड्रेसिंग रूम में भी हम इसी बारे में बात कर रहे थे.

यह अवार्ड मुझे नही उसे मिलना चाहिए: संजू सैमसन

संजू सैमसन (Sanju Samson) ने इस जीत का पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को दिया. जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड की टीम मैच से बाहर हुई. इंग्लैंड की टीम 16वें ओवर तक मैच में बनी हुई थी, लेकिन इसके बाद जसप्रीत बुमराह की घातक गेंदबाजी की बदौलत इंग्लैंड की टीम मैच में पिछड़ गई. वहीं अगले ओवर में हार्दिक पंड्या ने मैच को इंग्लैंड से छीन लिया.

संजू सैमसन (Sanju Samson) ने जसप्रीत बुमराह को अपना मैन ऑफ द मैच समर्पित करते हुए कहा कि

“जी हां, आज टीम के प्रदर्शन से मैं बहुत खुश हूं और इसका पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है, जो विश्व स्तरीय गेंदबाज हैं, पीढ़ी में एक बार आने वाले गेंदबाज. मुझे लगता है कि उन्होंने आज वही कर दिखाया. यह (पुरस्कार) वास्तव में उन्हें मिलना चाहिए था. अगर हमने डेथ ओवरों में उस तरह से गेंदबाजी नहीं की होती, तो शायद मैं यहां खड़ा नहीं होता. गेंदबाजों को पूरा श्रेय जाता है, जिस तरह से उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में खुद पर भरोसा रखा.”

शतक से चुकने का नही है कोई मलाल

संजू सैमसन (Sanju Samson) ने इस मैच में 89 रनों की पारी खेली, लेकिन लगातार दूसरी बार वो शतक लगाने से चूक गए हैं. संजू सैमसन ने इसके बारे में बात करते हुए कहा कि

“मुझे लगता है बिल्कुल नहीं. शतक, आप वास्तव में शतक नहीं बना सकते. यह तो प्रक्रिया में आता है. यह कोई टेस्ट मैच नहीं है, न ही कोई वनडे मैच है जिसमें आप बार-बार ऊपर-नीचे होते रह सकते हैं. एक बार अच्छी शुरुआत मिल जाए, तो पहले बल्लेबाजी करनी होती है. इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है. बस लगातार मेहनत करते रहना होता है. और एक बार जब आप सही स्थिति में आ जाते हैं, तो कौन जाने, मुझे लगता है कि मैं कितने रन बना पाऊंगा. इसलिए मैं जो भी रन बना रहा हूं उससे बहुत खुश हूं और अपने देश को जीत दिलाने में योगदान देकर भी बहुत खुश हूं.”

ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
me.sumitji@gmail.com

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