ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन फ्युरी’ (Operation Fury) आज चौथे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को हमलों का मुख्य केंद्र तेहरान का मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Mehrabad Airport) रहा, जहाँ सिलसिलेवार धमाकों से राजधानी दहल गई।
मेहराबाद हवाई अड्डे पर सीधा प्रहार
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ (Mehr) के अनुसार, “अमेरिकी-जायोनी आतंकवादियों” ने हवाई अड्डे के पश्चिमी हिस्से और रनवे के पास के इलाकों को निशाना बनाया। सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में हवाई अड्डे के भीतर से गहरा काला धुआं उठता देखा गया। अपुष्ट रिपोर्टों के अनुसार, रनवे पर खड़े एक नागरिक विमान (Airbus A319) को भी क्षति पहुँची है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मेहराबाद ईरान का सबसे व्यस्त घरेलू हवाई अड्डा है और इसका उपयोग सैन्य रसद (Logistics) के लिए भी किया जाता है। इसकी शहर के केंद्र से नजदीकी इसे बेहद संवेदनशील बनाती है।
नेतन्याहू ने ऑपरेशन तेज़ करने का वादा किया
इज़राइली प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू ने कन्फर्म किया कि इज़राइली सेना ईरानी और लेबनानी एयरस्पेस में एक्टिवली ऑपरेशन कर रही है, और इस कैंपेन को एक लगातार और बढ़ता हुआ प्रयास बताया। नेतन्याहू ने मंगलवार को सेंट्रल इज़राइल में एक एयर फ़ोर्स बेस से दिए गए एक बयान में कहा, “हम ईरान पर ज़ोरदार हमला करते रहेंगे। हमारे पायलट ईरान और तेहरान के आसमान पर और लेबनान के आसमान पर भी नज़र रखे हुए हैं।” उन्होंने ईरान के सपोर्ट वाले लेबनानी ग्रुप हिज़्बुल्लाह पर भी निशाना साधा और आगे और भी कड़े जवाब की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हिज़्बुल्लाह ने हम पर हमला करके बहुत बड़ी गलती की। हमने पहले ही ज़ोरदार जवाब दिया है, और हम और भी ज़्यादा ज़ोरदार जवाब देंगे।”
पश्चिमी तेहरान में मौजूद मेहराबाद एयरपोर्ट, पहले से ही देश का मुख्य डोमेस्टिक एविएशन गेटवे रहा है। यह ईरानी राजधानी को सर्विस देने वाले सिर्फ़ दो बड़े एयरपोर्ट में से एक है, दूसरा इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो ज़्यादातर इंटरनेशनल ट्रैफ़िक को हैंडल करता है।
हिजबुल्लाह और लेबनान पर भी कार्रवाई
नेतन्याहू ने ईरान के साथ-साथ लेबनान स्थित हिजबुल्लाह को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमला करके “बड़ी गलती” की है और अब उन्हें इसका और भी भयानक अंजाम भुगतना होगा। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में भी कई ठिकानों को तबाह कर दिया है।
क्षेत्रीय स्थिति और वैश्विक प्रभाव
28 फरवरी को पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक पूर्ण युद्ध का रूप ले चुका है।
हवाई यातायात ठप: मेहराबाद और इमाम खुमैनी एयरपोर्ट पर हमलों के बाद ईरान का हवाई संपर्क दुनिया से लगभग कट गया है।
आम नागरिकों में दहशत: तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
Retaliatory strikes: जवाब में ईरान ने भी इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।




