कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां सनिगवां स्थित राधेनगर में रहने वाली 5वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की उम्र महज 11 साल थी। हैरानी की बात यह है कि आत्महत्या जैसा कदम उठाने से पहले बच्ची ने बड़ी चालाकी से अपनी मां और भाई को एक कमरे में बंद कर दिया था।
घटना शनिवार दोपहर की है। फतेहपुर के बड़ेगांव के मूल निवासी आशाराम राजपूत, जो पेशे से बावर्ची हैं, पिछले सात सालों से अपने परिवार के साथ चकेरी के राधेनगर में रह रहे हैं। उनके परिवार में पत्नी श्यामादेवी, बेटा हिमेश और दो बेटियां नंदनी और काजल थीं। काजल एक निजी स्कूल में कक्षा 5 की छात्रा थी।
मां ने बताया- क्या हुआ था?
मां श्यामादेवी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे काजल स्कूल से लौटी थी. सब कुछ ठीक था. वह अपने भाई-बहनों के साथ घर में खेल रही थी. लेकिन दोपहरर करीब 1 बजे उसका बर्ताव अचानक बदल गया. उसने मां और भाई को एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर से कुंडी लगा दी.
इसके बाद काजल ने बाथरूम में रखे दुपट्टे को उठाया और दरवाजे की चौखट पर लगी कुंडी से फंदा बनाकर लटक गई. कमरे में बंद मां को जब अनहेनी का अहसास हुआ तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया. उनकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए. चूंकि घर बंद था और कमरे का दरवाजा भी बंद था. इसलिए पड़ोसियों ने छत का दरवाजा तोड़ा और घर के अंदर आए लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

क्या रही होगी वजह?
काजल ने ऐसा खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसकी जांच की जा रही है. हालांकि, उसकी मां श्यामादेवी ने बताया कि काजल स्कूल से लौटने के बाद अक्सर अपनी सहेलियों से बातें करती रहती थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जब वह उन्हें बात करने से मना करती थी और पढ़ाई के लिए टोकती थी तो वह गुस्सा हो जाती थी. उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को जब काजल स्कूल से लौटी तो उसका बर्ताव रोज की तुलना में कुछ अलग और अजीब था. वह गुमसुम थी या किसी चिंता में थी.
पुलिस ने दर्ज किया केस
घटना की सूचना मिलते ही चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र अपनी टीम और फोरेंसिक यूनिट के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ये आत्महत्या का मामला लग रहा है लेकिन 11 साल की बच्ची के मन में इतना बड़ा कदम उठाने का ख्याल कैसे आया, इसकी जांच की जा रही है.



