मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान से दो बड़ी और विचलित करने वाली खबरें सामने आई हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते (Mansoureh Khojasteh) का निधन हो गया है। मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान से दो बड़ी और विचलित करने वाली खबरें सामने आई हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने पुष्टि की है कि देश के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते (Mansoureh Khojasteh) का निधन हो गया है। वहीं, दूसरी ओर मानवाधिकार समूहों ने दावा किया है कि पिछले 48 घंटों में हुए हवाई हमलों में 170 से अधिक छात्रों की जान चली गई है।
खामनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते की मृत्यु
ईरान की मीडिया ने सोमवार को कहा कि सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की पत्नी मंसूरे खोजस्ते की मृत्यु हो गई है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, वह शनिवार को अपने पति के कार्यालय पर हुए हमलों के बाद से कोमा में थीं।
खोजस्ते (78) और खामेनेई की 1964 में शादी हुई थी।
शिक्षा क्षेत्र पर प्रहार: 171 विद्यार्थियों की मौत
इसके अलावा, ईरान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह ने शिक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का हवाला देते हुए बताया कि इजराइल-अमेरिका के हमलों में ईरान में बीते 48 घंटे में 171 विद्यार्थियों की मौत हुई है।
‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ के अनुसार मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मिनाब में स्थित शजारेह तैयबा कन्या प्राथमिक विद्यालय पर हुए घातक हमले में 168 विद्यार्थियों की जान चली गई जबकि 95 अन्य घायल हो गए। इसके अलावा तेहरान में दो और काजविन के अबियेक में नौ साल के बच्चे की मौत हो गई।
आगे की स्थिति
ईरान में शोक और गुस्से की लहर है। अयातुल्ला खामनेई की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी का निधन ईरान के सत्ता ढांचे के लिए एक बड़ा प्रतीकात्मक झटका है। साथ ही, बड़ी संख्या में बच्चों की मौत ने वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अमेरिका और इजराइल ने इन नागरिक मौतों पर अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनका अभियान जारी है।



