
Iran America War: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद बनारस का शिया समाज गहरे शोक में डूब गया है। इमामबाड़ों और मस्जिदों में विशेष दुआएं की जा रही हैं। इमाम-ए-जुमा मौलाना जफर हुसैनी ने शिया समाज में एक सप्ताह के शोक का ऐलान किया है। इस दौरान खुशी के काम नहीं किए जाएंगे। समाज के लोग दुकान बंद रखेंगे।
मौलाना जफर हुसैनी ने बताया कि खामेनेई दुनियाभर में फैले शिया समाज के बड़े धर्मगुरु और मार्गदर्शक थे। उनकी शहादत से पूरी कौम को अपूरणीय क्षति हुई है। इसे देखते हुए शिया समाज के लोग एक सप्ताह तक अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखेंगे। इस दौरान लोग काले कपड़े पहनकर मातम मनाएंगे।
32 अंजुमनों का सामूहिक मातम आज
शहर की सभी अंजुमनों द्वारा विभिन्न मजलिस और मातमी जुलूस निकाले जाएंगे। शहर की 32 अंजुमनें सोमवार को लाट सरैया स्थित इमामबाड़ा में एकत्र होकर मातम करेंगी। हालांकि रविवार देर रात पुलिस-प्रशासन ने आयोजन की अनुमति नहीं मिली थी।
हर तरफ खामेनेई की चर्चा
सुबह सहरी के बाद से ही शहर में खामेनेई को लेकर चर्चा होने लगी थी। दोषीपुरा के मोहम्मद हुसैन ने कहा कि खामेनेई ने पूरी जिंदगी इंसाफ, इंसानियत और मजलूमों की आवाज बुलंद करने के लिए संघर्ष किया। उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक बनेंगी।
खुफिया एजेंसियां भी सतर्क
रविवार को पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट मोड पर था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर नजर बनाए हैं। पुलिस दोषीपुरा, कालीमहाल, दालमंडी सहित अन्य मुस्लिम इलाकों में निगरानी रही।
इफ्तार के बाद हुई मजलिस
पितरकुंडा स्थित वक्फ मस्जिद और कब्रिस्तान खास मौलाना मीर इमाम अली में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। नमाज मौलाना जब हुसैनी ने पढ़ाई। इफ्तार के बाद मजलिस का आयोजन हुआ। इसमें खामेनेई को खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया। इस दौरान अंजुमन हैदरी चौक, सैयद मुनाजिर हुसैन मंजू, मौलाना मेहंदी रजा, मौलाना इश्तियाक अली, मौलाना बाकर रजा, सैय्यद अब्बास मुर्तुजा शम्सी, इकबाल हुसैन आदि मौजूद थे।
खामेनेई मानवता के लिए मिसाल
खामेनेई की मौत के बाद रविवार शाम को शहर में जगह-जगह मजलिसें हुईं। दोषीपुरा इमामबाड़ा, जव्वादिया अरबी कॉलेज और अर्दली बाजार स्थित शिया जामा मस्जिद में मजलिस के दौरान तकरीर की गई। इस दौरान लोगों ने खामेनेई को याद और उनके किस्से बताकर भावुक हो गए। दोषीपुरा इमामबाड़ा में गुलजार रजा ने कहा कि खामेनेई ने इंसानियत को सबसे ऊपर रखा। इस मौके पर तकरीर मौलाना रिज़वान मारूफी, मौलाना इकबाल ईमानी, शेर अली आदि मौजूद रहे। उधर, दरगाहे फातमान में ख्वातीनों ने कैंडल जलाकर खिराज-ए-अकीदत पेश की।
व्यक्ति नहीं इंसानियत पर हमला है: शहर मुफ्ती
मुफ्ती-ए-बनारस मौ.अब्दुल बातिन नोमानी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि इंसानियत पर किया गया हमला है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दुनिया के लिए चेतावनी हैं कि हिंसा और जुल्म मसले हल नहीं हो सकते।
पांच तक यात्री नहीं जा सकेंगे शारजाह
बाबतपुर। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग का खासा असर विमान सेवाओं पर पड़ा है। इसका नतीजा है कि रविवार (एक मार्च) से पांच मार्च तक 1785 यात्री वाराणसी से शारजाह नहीं जा सकेंगे। इन्होंने एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान में टिकट बुक कराया था। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों के मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से निरस्तीकरण की सूचना दे दी गई है। दरअसल, बाबतपुर एयरपोर्ट से शाम और रात को एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान शारजाह के लिए उड़ान भरते हैं। जंग छिड़ने पर शनिवार को दोनों उड़ानें रद्द कर दीं गईं।



