Monday, March 2, 2026
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मरने से चंद मिनटों पहलेˈ इंसानी दिमाग में क्या चलता है? वह किस बारे में सोचता है? जाने सही जवाबˌ

मरने से चंद मिनटों पहलेˈ इंसानी दिमाग में क्या चलता है? वह किस बारे में सोचता है? जाने सही जवाबˌ

मौत एक ऐसी चीज है जिसका रहस्य आज भी अनसुलझा है। इसे लेकर कई सवाल है जिनका जवाब वैज्ञानिक नहीं खोज पाए हैं। मौत के बाद क्या होता है, व्यक्ति कहां जाता है, उसके दिमाग में क्या क्या चलता है ये सब अनसुलझे राज ही हैं।

मरने से चंद मिनटों पहलेˈ इंसानी दिमाग में क्या चलता है? वह किस बारे में सोचता है? जाने सही जवाबˌ

ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि मौत से ठीक पहले के कुछ मिनट में इंसान के दिमाग में क्या क्या चलता है? इस बात का जवाब हाल ही में वैज्ञानिकों ने खोज निकाला है। इसका जवाब बहुत ही दिलचस्प है।

मौत से ठीक पहले इंसानी दिमाग में चलता है ये सब

वैज्ञानिकों की माने तो मारता हुआ दिमाग अपने अंतिम समय में जिंदगी की अच्छी यादों को याद करता है। इसका खुलासा 87 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के बाद हुआ। दरअसल इस शख्स को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। इसके इलाज के लिए वह अस्पताल में एडमिट हुआ था।

यहां उसके इलाज के दौरान इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम EEG (electroencephalogram) हुआ। हालांकि ठीक इसी दौरान व्यक्ति को हार्ट अटैक आ गया और उसकी जान चली गई। लेकिन इस डायग्नोस्टिक टेस्ट की वजह से अनजाने में व्यक्ति के दिमाग की ब्रेन मैपिंग गो गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसमें उसके मरने से 15 मिनट पहले के विचार रिकॉर्ड हो गए।

ब्रेन मैपिंग में जो रिकॉर्डिंग हुई उससे वैज्ञानिकों ने पाया कि शख्स मरने से पहले अपनी लाइफ के अच्छे पलों को याद कर रहा था। इइजी पर हुई इस रिकॉर्डिंग में शख्स की मौत के 30 सेकेंड के दौरान उसकी हार्ट बीट बड़ी तेजी से बढ़ने लगीं। इस दौरान वैज्ञानिकों ने एक यूनिक वेव कैप्चर की।

इस वेव का नाम Gamma Oscillations है। यह शोध ले लुइसविले जेमर विश्वविद्यालय के न्यूरोसर्जन डॉ अजमल जेमर (Louisville Zemmar) ने किया। उन्होंने पाया कि अंतिम समय में हमारा दिमाग सपने देखने की स्थिति में आ जाता है। तब शरीर में जान नहीं रहती, हालांकि दिमाग अंतिम समय में तेजी से काम करता है।

इस मामले पर भारत के डॉक्टर क्या बोलते हैं?

न्यूरो एंड पेन केयर क्लीनिक गुडगांव के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भुपेश कुमार ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि जब मरीज मरा तो गामा वेव सबसे अधिक सक्रिय हुई। वहीं बीटा वेव भी एक्टिव थी। इससे मरीज को एंग्जायटी हुई।

इसके बाद में एल्फा, थीटा भी एक्टिव हो गए। व्यक्ति की डेल्टा वेव एक्टिव होते ही वह गहरी नींद में चला गया। अब चुकी शख्स की गामा वेव अधिक हाई थी, इसलिए वह पुरानी अच्छी यादों को याद करने लगा।

me.sumitji@gmail.com

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