बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता से अपील की है। इस अवसर को हाथ से ना जाने दें। यह अवसर पीढ़ी में केवल एक बार आता है। निशिक्रिय ना करें क्योंकि आपका समय जल्द आएगा। ठीक यही बात कल डोनाल्ड ट्रंप कहते हुए नजर आए थे कि अमेरिका की मदद कई सालों से मांगने की कोशिश ईरान की जनता कर रही थी। किसी अमेरिका के प्रेसिडेंट ने मदद नहीं की। लेकिन मैं सामने आया और अब जब मैंने विद्रोह की आग लगा दी है तो अब आपके हाथ में है। वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल का सैन्य अभियान ईरान की सत्ताधारी व्यवस्था को कमजोर करेगा और लोगों को उस शासन को चुनौती देने का मौका देगा, जिसे उन्होंने ‘आतंकी शासन’ बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हम इस आतंकी शासन के हजारों ठिकानों पर हमला करेंगे।
इजरायल ने ईरान पर अपना हमला जारी रखते हुए तेहरान स्थित इस्लामी गणराज्य के सेना मुख्यालय को निशाना बनाया और उसके कई लड़ाकू विमानों को नष्ट कर दिया। इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) ने बासिज बलों के मुख्यालय और तब्रीज़ हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम दो ईरानी एफ-5 और एफ-4 लड़ाकू विमान नष्ट हो गए। आईडीएफ ने एक्स (पहले ट्विटर) पर हमले का वीडियो साझा करते हुए कहा पश्चिमी ईरान के तब्रीज़ हवाई अड्डे पर दो एफ-5 और एफ-4 लड़ाकू विमान उड़ान भरने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन्हें मार गिराया गया। यह हमला ईरानी वायु सेना की गतिविधियों को कमजोर करने और उनकी हवाई रक्षा को और अधिक कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था।
खामेनेई की हत्या और इज़राइल की चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत हो चुकी है, लेकिन इज़राइल ने कहा है कि वह इस्लामी गणराज्य पर हमले जारी रखेगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम का हमेशा से विरोधी रहा इज़राइल ने तेहरान में खामेनेई के परिसर पर हुए सटीक हमलों का एक वीडियो भी जारी किया है और अपने इस अभियान को ऑपरेशन रोरिंग लायन नाम दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इज़राइल का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आवश्यक होगा। उन्होंने शनिवार को अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरानी शासन पिछले 47 वर्षों से “इज़राइल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद” के नारे लगाता रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की वजह से मध्य पूर्व के लोग डर में जी रहे हैं और तेहरान ने गाज़ा, सीरिया और अन्य देशों में इज़राइल के खिलाफ सशस्त्र गुट तैयार कर रखे हैं। उन्होंने कहा कि इसने अपने देश के नागरिकों को कुचला, इसने क्षेत्र के लोगों में भय पैदा किया, इसने पूरी दुनिया में आतंक का एक विशाल नेटवर्क फैलाया, इसने परमाणु बम और हजारों मिसाइलों को विकसित करने के लिए भारी संसाधन लगाए, जिनका उद्देश्य, जैसा कि इसने परिभाषित किया, इजरायल को दुनिया के नक्शे से मिटाना था।
ईरान को ट्रंप की चेतावनी, खाड़ी देशों की शांति की अपील
नेतन्याहू की तरह, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान को चेतावनी दी है कि वह किसी भी ऐसे दुस्साहस का सामना न करे जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन जैसे कई खाड़ी देशों ने भी क्षेत्र में शांति की अपील करते हुए ईरान से स्थिति को और बिगड़ने से रोकने का आग्रह किया है। हालांकि, ईरान ने कहा है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा।




