
इस्लामाबाद: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायली हमले में मौत के बाद पाकिस्तान में हालात बिगड़ गये हैं। कराची में वाणिज्य दूतावास में आगजनी के बाद अब इस्लामाबाद में 5000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की बेकाबू भीड़ अमेरिकी दूतावास की तरफ बढ़ रही है। ये भीड़ खबर लिखे जाने तक इस्लामाबाद के डिप्लोमैटिक एन्क्लेव से सिर्फ 2km दूर थी।
रेड जोन के अंदर एम्बेसी रोड पर पुलिस के साथ उनकी भयानक झड़प हो रही है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए हैं, जिसमें कई लोगों की मौत की खबर है। कराची में 12 लोग मारे गये हैं। वहीं लाहौर में भी हिंसा भड़क उठी है। प्रदर्शनकारियों में भारी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। ऐसा लग रहा है कि अगर पुलिस बेकाबू भीड़ को काबू करने में नाकाम रही तो अमेरिकी दूतावास पर हमला हो जाएगा।
वहीं पाकिस्तान सेना को संविधान के आर्टिकल 245 के तहत स्कार्दू में तैनात किया गया है, जहां हालात बेकाबू हो चुके हैं। गिलगित-बाल्टिस्तान पुलिस के मुताबिक, इस तैनाती का मकसद इलाके में बढ़ती कानून-व्यवस्था की चिंताओं के बीच सिविल अधिकारियों को मिलिट्री सपोर्ट देना है। कराची प्रशासन ने हिंसक प्रदर्शन में 9 लोगों की मौत की बात स्वीकार किया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कराची में यूनाइटेड स्टेट्स कॉन्सुलेट पर धावा बोल दिया था और पुलिस से भिड़ गए।
पाकिस्तान में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन
इस्लामाबाद स्थिति अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि “हम कराची और लाहौर में US कॉन्सुलेट जनरल में चल रहे प्रदर्शनों की रिपोर्ट पर नजर रख रहे हैं। साथ ही US एम्बेसी इस्लामाबाद और कॉन्सुलेट जनरल पेशावर में और प्रदर्शनों की मांग पर भी नजर रख रहे हैं। हम पाकिस्तान में US नागरिकों को सलाह देते हैं कि वे स्थानीय न्यूज पर नज़र रखें और खुद को महफूज रखें। आप अपने आस-पास का ध्यान रखना और भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।”
वहीं समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि “हम कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट में आग लगा रहे हैं। अल्लाह ने चाहा तो हम अपने लीडर की हत्या का बदला ले रहे हैं।” लाहौर शहर और स्कार्दू में भी हज़ारों लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और शाम को इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास वाले डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के पास प्रदर्शन की उम्मीद है। ये प्रदर्शन तब शुरू हुए हैं जब ईरान की सरकारी मीडिया ने अमेरिका और इजरायल के बड़े मिलिट्री हमलों के बाद सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया कि हमले ईरान की लीडरशिप को खत्म करने के मकसद से किए गए थे और चेतावनी दी कि आगे भी हमले जारी रह सकते हैं।






