
तेहरान। ईरानी मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की पुष्टि की है। खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी इजराइली हमलों में मारे गए हैं। हालांकि, ईरानी सरकार ने इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खामेनेई की मौत का दावा किया था। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा-
इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया। यह ईरान की जनता के साथ-साथ अमेरिका और दुनियाभर के देशों के लिए न्याय है।
CNN से बात करते हुए इजराइली अधिकारियों ने दावा किया कि उनके पास खामेनेई के शव की तस्वीर है, जिसे मलबे से बरामद किया गया है। इजराइल और अमेरिका ने जॉइंट अटैक में खामेनेई के घर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
दरअसल, इजराइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान में राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला किया। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ईरान ने भी इजराइल पर पलटवार करते हुए जवाबी हमले किए।
अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए…
अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे।
1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे।
1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया।
1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने।
1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं।






