Sunday, March 1, 2026
Technology

AI से कोडिंग कराना पड़ा महंगा! एक ‘कॉपी-पेस्ट’ ने डुबो दी कंपनी की नैया…..!..

AI से कोडिंग कराना पड़ा महंगा! एक ‘कॉपी-पेस्ट’ ने डुबो दी कंपनी की नैया…..!..
AI से कोडिंग कराना पड़ा महंगा! एक ‘कॉपी-पेस्ट’ ने डुबो दी कंपनी की नैया…..!..

AI Code Crash Developer Fired: अगर आप भी ऑफिस का काम जल्दी निपटाने के लिए चैटजीपीटी (ChatGPT) या किसी अन्य AI टूल का सहारा लेते हैं, तो इस खबर को आप अपने लिए बड़ी चेतावनी की तरह देखें. क्योंकि रेडिट (Reddit) पर इस समय एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसने टेक्नोलॉजी वर्ल्ड में तहलका मचा दिया है. बात ऐसी है कि एक सॉफ्टवेयर डेवलपर ने अपना काम आसान करने के लिए AI से कोड लिखवाया, लेकिन उस एक शॉर्टकट ने न सिर्फ कंपनी का भारी नुकसान पहुंचाया बल्कि उस शख्स को बेरोजगार भी कर दिया. उस डेवलपर ने जब इस बात का खुलासा रेडिट पर किया, तो लोगों के बीच एक नई बहस छिड़ गई.

क्या है पूरा मामला?
रेडिट पर एक यूजर ने अपनी आपबीती साझा की, जो अब इंटरनेट पर जंगल में आग की तरह फैल गई है. दरअसल, इस डेवलपर को एक प्रोजेक्ट के लिए कोड लिखने का काम दिया गया था. समय बचाने और मेहनत कम करने के चक्कर में उसने खुद दिमाग लगाने के बजाय AI टूल से पूरा कोड जेनरेट करवा लिया. इंजीनियर का दावा है कि उसने कोड को चेक किया था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लेकिन जैसे ही उसने उस कोड को कंपनी के प्रोडक्शन सर्वर में डाला. उसे लगा कि सब कुछ ठीक चलेगा और बॉस उसकी तारीफ करेंगे, लेकिन हुआ इसका ठीक उलटा.

सर्वर हुआ धड़ाम, कंपनी को लगा लाखों का चूना
इंजीनियर ने जैसे ही वह AI वाला कोड सिस्टम में एक्टिव किया, कंपनी का पूरा सर्वर क्रैश हो गया. देखते ही देखते वेबसाइट और सर्विसेज ठप पड़ गईं. कंपनी को इस टेक्नोलॉजी में हुए फेलियर की वजह से न सिर्फ घंटों का काम रोकना पड़ा, बल्कि लाखों रुपये का नुकसान भी झेलना पड़ा. जब सीनियर इंजीनियर्स ने जांच की, तो पता चला कि कोड में एक ऐसी गलती थी, जिसे AI ने नजरअंदाज कर दिया था और डेवलपर ने चेक करने की जहमत नहीं उठाई.

क्या लिखा इंजीनियर ने?
डेवलपर ने अपनी रेडिट पोस्ट में लिखा कि कंपनी में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल करने का दबाव था. उसने एक फीचर के लिए AI से कोड जनरेट कराया. शुरुआती टेस्ट में सब ठीक लगा, लेकिन जैसे ही कोड को लाइव सर्वर पर डाला गया, सिस्टम क्रैश हो गया. इसकी वजह से कंपनी का प्रोडक्शन एनवायरनमेंट घंटों तक डाउन रहा.ृ

बॉस ने थमा दिया ‘पिंक स्लिप’
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया. जैसे ही यह साफ हुआ कि कोड खुद लिखने के बजाय AI से कॉपी-पेस्ट किया गया था, उस डेवलपर को तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया. कंपनी का तर्क था कि उन्हें एक सोचने वाले इंजीनियर की जरूरत है, किसी कॉपी-पेस्ट मास्टर की नहीं.

क्यों खतरनाक है AI पर अंधा भरोसा?
टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI टूल्स केवल आपकी मदद के लिए हैं, आपकी जगह लेने के लिए नहीं. AI अक्सर ऐसा कोड दे देता है जो देखने में सही लगता है, लेकिन असल में उसमें लॉजिकल एरर्स होते हैं. कई बार AI पुराने या अनसिक्योर्ड कोड को दोहरा देता है, जिससे डेटा लीक का खतरा बढ़ जाता है. एक कोडर जानता है कि कंपनी की जरूरतें क्या हैं, जबकि AI केवल उसके पास उपलब्ध डेटा के आधार पर अनुमान लगाता है. ऐसे में AI पर अंधा भरोसा खतरे से खाली नहीं है. कभी भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तरक्की के लिए करें, आलस के लिए नहीं.

me.sumitji@gmail.com

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