
आजकल लोग अपनी सेहत और ताकत बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक उपायों की ओर तेजी से लौट रहे हैं। इसी बीच एक ऐसा पौधा फिर से चर्चा में है, जिसे आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन आयुर्वेद में इसे बेहद प्रभावशाली औषधि माना गया है। हम बात कर रहे हैं भांग की, जिसे सही मात्रा और सही तरीके से उपयोग किया जाए तो इसके कई फायदे बताए जाते हैं। हालांकि, इसके बारे में आधी-अधूरी जानकारी कई बार नुकसान भी पहुंचा सकती है।
आयुर्वेद के अनुसार भांग केवल नशे की चीज नहीं है, बल्कि यह एक औषधीय पौधा है, जो शरीर के कई असंतुलनों को ठीक करने में मदद कर सकता है। खासकर पित्त और कफ को संतुलित करने में इसकी भूमिका बताई गई है। पुराने ग्रंथों में इसे दर्द कम करने, भूख बढ़ाने और पाचन सुधारने वाली औषधि के रूप में भी वर्णित किया गया है। लेकिन यह भी साफ कहा गया है कि इसका इस्तेमाल बेहद सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।
भांग में कई तरह के सक्रिय रसायन पाए जाते हैं, जो शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालते हैं। यही कारण है कि इसका प्रभाव केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्तर पर भी देखने को मिलता है। कुछ लोगों का मानना है कि कम मात्रा में इसका उपयोग करने से मूड बेहतर होता है और तनाव कम हो सकता है, लेकिन मात्रा बढ़ते ही इसके दुष्प्रभाव भी सामने आने लगते हैं।
ग्रामीण इलाकों में आज भी भांग के पत्तों का उपयोग कुछ घरेलू उपचारों में किया जाता है। जैसे कान दर्द या संक्रमण की स्थिति में इसके पत्तों का रस इस्तेमाल करने की परंपरा है। इसी तरह सिरदर्द या माइग्रेन में भी इसके बाहरी प्रयोग का जिक्र मिलता है। हालांकि ये सभी उपाय पारंपरिक ज्ञान पर आधारित हैं और हर व्यक्ति पर एक जैसा असर करें, यह जरूरी नहीं है।
कुछ आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार भांग का सीमित उपयोग श्वसन संबंधी समस्याओं में भी मदद कर सकता है। वहीं इसके बीजों को पोषण से भरपूर माना जाता है, जिनमें प्रोटीन और जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं। इसी वजह से कुछ लोग इसे शरीर की ताकत और मांसपेशियों के विकास से भी जोड़कर देखते हैं।
अगर आधुनिक विज्ञान की बात करें तो रिसर्च में भी यह माना गया है कि भांग में मौजूद कुछ तत्व दर्द कम करने और भूख बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। लेकिन विज्ञान साफ तौर पर चेतावनी भी देता है कि इसका गलत या अधिक उपयोग मानसिक और शारीरिक दोनों तरह के नुकसान का कारण बन सकता है। यही वजह है कि इसे लेकर संतुलित नजरिया अपनाना बेहद जरूरी है।
दरअसल, किसी भी औषधि की तरह भांग भी तभी फायदेमंद है जब इसका उपयोग सही मात्रा और सही तरीके से किया जाए। अधिक सेवन करने पर यह आदत बन सकती है और व्यक्ति को मानसिक भ्रम, कमजोरी और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसलिए बिना जानकारी या सिर्फ सुन-सुनकर इसका उपयोग करना सही नहीं है।
अंत में यही कहा जा सकता है कि भांग एक ऐसा पौधा है जिसमें औषधीय गुण जरूर मौजूद हैं, लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे और कितनी मात्रा में इस्तेमाल करते हैं। सही जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह के साथ इसका उपयोग लाभ दे सकता है, लेकिन लापरवाही इसे नुकसानदायक भी बना सकती है।






