Friday, February 27, 2026
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सुहागरात के अगले ही दिन थाने पहुंची दुल्हन, बताई पीछली रात की ऐसी कहानी, पुलिस भी रह गयी हैरान

सुहागरात के अगले ही दिन थाने पहुंची दुल्हन, बताई पीछली रात की ऐसी कहानी, पुलिस भी रह गयी हैरान
सुहागरात के अगले ही दिन थाने पहुंची दुल्हन, बताई पीछली रात की ऐसी कहानी, पुलिस भी रह गयी हैरान

फरवरी 2023 में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक शादी हुई थी, जो बाद में एक आपराधिक मामले के रूप में दर्ज हुई थी। 7 फरवरी 2023 को एक युवती का विवाह देहरादून निवासी युवक से हुआ था। उस समय दोनों परिवारों में उत्साह था और शादी सामान्य रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई थी। लेकिन बाद में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, शादी की पहली रात से ही विवाद शुरू हो गया था।

महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि सुहागरात की रात उसके पति ने कथित तौर पर यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवा का सेवन किया था और उसकी इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक संबंध बनाए थे। उस समय यह बात घर की चारदीवारी तक सीमित रही थी। कुछ दिनों बाद महिला मायके चली गई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन को संभालने की कोशिश में वह वापस ससुराल लौटी थी।

शिकायत के अनुसार, ससुराल लौटने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए थे। महिला ने आरोप लगाया था कि उसके पति ने दोबारा उसकी इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाए थे। जब उसने विरोध किया था, तब कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। उसने अपने पति के साथ-साथ सास-ससुर और एक अन्य व्यक्ति पर दहेज को लेकर दबाव बनाने और उत्पीड़न करने के आरोप भी लगाए थे।

घटनाक्रम के अनुसार, शादी के लगभग 20 दिन बाद, 27 फरवरी 2023 को महिला ने कथित रूप से आत्महत्या का प्रयास किया था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के बाद उसकी जान बच गई थी। बाद में उसने आरोप लगाया था कि उसे इस घटना के बारे में किसी को न बताने के लिए दबाव डाला गया था।

कुछ समय बाद महिला ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। देहरादून कोतवाली क्षेत्र की पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ जबरन अप्राकृतिक संबंध, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही सास-ससुर और अन्य पर दहेज उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू की गई थी।

यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण था, जिसे देहरादून की क्राइम हिस्ट्री में उस शादी के रूप में याद किया गया था, जो सात फेरों से शुरू होकर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गई थी। आगे की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया ने तय करना था कि आरोप कितने साबित होते हैं, लेकिन यह घटना अपने समय में वैवाहिक सहमति और घरेलू उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा का कारण बनी थी।

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