
What is the 19 year T20 World Cup host curse: इन दिनों टी20 विश्व कप 2026 एक रोमांचक मोड़ पर है. सुपर 8 की जंग चल रही है. इस जंग में 8 टीमें हैं, जिनमें से 4 सेमीफाइनल में जगह पक्की करेंगी. हैरी ब्रूक की कप्तानी वाली इंग्लैंड तो ग्रुप 2 से बाजी मार चुकी है. अब बचे हुए तीन स्थानों के लिए लड़ाई चल रही है. टीम इंडिया ग्रुप 1 में फंसी हुई है, जिसमें साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे भी शामिल हैं. भारत को सुपर 8 के पहले ही मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से मात दी थी. इस शर्मनाक हार से भारत की सेमीफाइनल में एंट्री की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था. टीम इंडिया ग्रुप स्टेज में तो अजेय थी, लेकिन सुपर 8 में उसकी हालत खराब दिख रही है. उसका सेमीफाइनल में पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है.
सुपर 8 में टीम इंडिया की इस खराब हालत के बीच वह ‘तिलिस्म’ एक बार फिर चर्चा में आ गया, जो पिछले 19 सालों से टी20 विश्व कप के मेजबान देशों के लिए एक ‘श्राप’ की तरह रहा है. अब लोग पूछ रहे हैं कि कहीं इसी ‘श्राप’ का असर तो टीम इंडिया पर नहीं हुआ? जिसने सुपर 8 में ही मेन इन ब्लू की हालत पतली कर दी? अब सवाल ये है कि आखिर ये कौन सा ‘श्राप’ है और क्या सचमुच टीम इंडिया के लिए खतरा बन रहा है? आइए जानते हैं.
‘हिस्ट्री रिपीट करेंगे, हिस्ट्री डिफीट करेंगे’, अब मुश्किल में?
दरअसल, टी20 विश्व कप 2026 से पहले टीम इंडिया की तरफ से एक स्लोगन दिया गया था कि ‘हिस्ट्री रिपीट करेंगे, हिस्ट्री डिफीट करेंगे’… मतलब ये कि टीम इंडिया वह कमाल करेगी जो पिछले 19 साल में नहीं हुआ. लगातार दूसरा खिताब जीतकर वह हिस्ट्री रिपीट करने का सपना देख रही थी, जबकि ‘हिस्ट्री डिफीट’ से मतलब इतिहास बदलने का था. टी20 विश्व कप के इतिहास में कोई भी मेजबान देश खिताब नहीं जीत पाया. टीम इंडिया यही कमाल करके हिस्ट्री डिफीट करना चाह रही थी, लेकिन अब ऐसा होना मुश्किल दिख रहा है.
यह तभी होगा जब सूर्या ब्रिगेड बचे हुए दो मैचों में चमत्कारिक जीत हासिल करेगी. साथ ही यह दुआ करेगी कि साउथ अफ्रीका की टीम वेस्टइंडीज को हरा दे. ऐसा हुआ तो अफ्रीका और भारतीय टीम सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लेंगी, लेकिन अगर अफ्रीका बचे हुए दो में से कोई एक मैच हार गई तो फिर मामला फंस जाएगा.
आखिर क्या है ये श्राप?
टी20 विश्व कप के इतिहास में पिछले 19 साल से मेजबान देश कभी खिताब नहीं जीत पाया है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह सिलसिला 2007 में शुरू हुआ और 2024 तक चला. क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अब यही ‘श्राप’ टीम इंडिया के सामने एक खतरा बनकर खड़ा हो गया है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने ‘हिस्ट्री रिपीट’ करने का जज्बा तो बुलंद कर रखा है, लेकिन उसके सामने हिस्ट्री डिफीट करने की चुनौती है.
सूर्या ब्रिगेड कर पाएगी चमत्कार?
दरअसल, क्रिकेट का इतिहास बताता है कि ‘घर की पिच और घर की भीड़’ किसी भी टीम के लिए सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट होती है, लेकिन टी20 विश्व कप के इतिहास में ऐसा कुछ नहीं हुआ. पिछले 19 सालों का रिकॉर्ड गवाह है कि जिस भी देश ने टी20 वर्ल्ड कप होस्ट किया, वह कभी खिताब नहीं जीत पाया. टी20 विश्व कप 2026 में भारत और श्रीलंका संयुक्त मेजबान हैं. श्रीलंका इसी ‘होस्ट फैक्टर’ का शिकार हो चुका है. वह सेमीफाइनल की रेस से बाहर है. न्यूजीलैंड ने सुपर 8 के दूसरे मुकाबले में उसे मात देकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. यही वजह है कि अब करोड़ों भारतीय फैंस की धड़कनें तेज हैं. ऐसे में सवाल ये है कि क्या टीम इंडिया इस ‘मेजबानी के चक्रव्यूह’ को तोड़ पाएगी या इतिहास खुद को दोहराएगा?
2007 से लेकर 2024 तक मेजबान देशों का हाल
साल मेजबान देश (Host) टीम का प्रदर्शन (Result)
2007 दक्षिण अफ्रीका सुपर-8 से बाहर
2009 इंग्लैंड सुपर-8 से बाहर
2010 वेस्टइंडीज सुपर-8 से बाहर
2012 श्रीलंका फाइनल में हार (रनर-अप)
2014 बांग्लादेश सुपर-10 से बाहर
2016 भारत सेमीफाइनल में हार
2021 UAE और ओमान ग्रुप स्टेज से बाहर
2022 ऑस्ट्रेलिया सुपर-12 से बाहर
2024 USA और वेस्टइंडीज सुपर-8 से बाहर
2026 भारत और श्रीलंका श्रीलंका बाहर, भारत पर संकट?






