
Health Risk From Headphones: क्या आप भी दिनभर कानों में हेडफोन्स या ईयरबड्स लगाए रहते हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके होश उड़ा सकती है. एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि बाजार में मिलने वाले कई नामी कंपनियों के हेडफोन्स और ईयरबड्स में खतरनाक केमिकल्स पाए गए हैं. ये केमिकल्स न केवल आपकी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि स्किन और हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं. आइए हम यहां समझते हैं कि संगीत का यह शौक आपके लिए कितना महंगा पड़ सकता है.
स्टडी में क्या आया सामने?
हाल ही में यूरोप की एक संस्था ToxFree LIFE for All ने अलग‑अलग ब्रांड्स के हेडफोन्स की जांच की. इसमें पाया गया कि हेडफोन्स के पैड्स और प्लास्टिक बॉडी में Phthalates (थैलेट्स) और BPA (बिस्फेनॉल ए) जैसे जहरीले तत्वों का इस्तेमाल किया जा रहा है. रिसर्च में पता चला कि कानों के पास पसीना आने पर ये केमिकल्स त्वचा के संपर्क में आते हैं, जिससे खुजली, रैशेज और कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं. अगर आप लंबे समय तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहते हैं तो शरीर के हार्मोनल सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है. केमिकल्स के अलावा, लंबे समय तक ईयरबड्स का इस्तेमाल कानों में बैक्टीरिया पनपने की जगह बना देता है.
सस्ते हेडफोन्स ज्यादा खतरनाक!
रिपोर्ट में विशेष रूप से कहा गया है कि लोकल मार्केट में मिलने वाले सस्ते और बिना ब्रांड वाले हेडफोन्स में इन जहरीले केमिकल्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. नामी कंपनियां फिर भी कुछ मानकों का पालन करती हैं, लेकिन सस्ते प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाला रीसाइकल्ड प्लास्टिक सेहत के लिए जहर के समान है.
ध्यान देने वाली बातें
हम अक्सर इयरफोन खरीदते समय सिर्फ साउंड क्वालिटी, डिजाइन या बैटरी लाइफ देख लेते हैं. लेकिन यह स्टडी बताती है कि मटेरियल का सुरक्षित होना भी उतना ही अहम है. खासकर गर्मियों में पसीने की वजह से केमिकल सीधे त्वचा से संपर्क में आते हैं, जिससे एलर्जी और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.
बचाव के लिए क्या करें?
अगर आप हेडफोन्स का इस्तेमाल बंद नहीं कर सकते, तो आप इन सावधानियों के साथ इस खतरे को कम कर सकते हैं.
1. सबसे पहले अपने ईयरबड्स और हेडफोन पैड्स को हफ्ते में कम से कम दो बार सैनिटाइजर या अल्कोहल वाइप्स से साफ करें.
2. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। 60-60 नियम अपनाएं, इसका मतलब 60% वॉल्यूम पर अधिकतम 60 मिनट तक ही सुनें, फिर कानों को आराम दें.
3. हमेशा अच्छी क्वालिटी के और स्किन‑फ्रेंडली मटेरियल वाले हेडफोन्स ही खरीदें.
4. इन‑ईयर बड्स के मुकाबले ओवर‑ईयर हेडफोन्स थोड़े बेहतर होते हैं क्योंकि वे कान के अंदरूनी हिस्से के सीधे संपर्क में नहीं आते.




