
नई दिल्ली: अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को अवैध करार दे दिया था। इसके बाद से ट्रंप बौखलाए हुए हैं। उन्होंने धमकी दी है कि अगर कोई देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इस्तेमाल करके अमेरिका के साथ गेम खेलना चाहता है, उसे बहुत ज्यादा टैरिफ झेलना पड़ सकता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी खास देश का नाम नहीं लिया लेकिन जानकारों का कहना है कि ट्रंप का निशाना भारत हो सकता है। उनकी यह धमकी ऐसे समय आई जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अपनी अमेरिका की यात्रा स्थगित कर दी।
ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और उनके साथ ट्रेड डील करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन अब यह हथियार उनके हाथ से निकल चुका है। ट्रंप को डर है कि अब विभिन्न देश ट्रेड एग्रीमेंट्स पर नए सिरे से विचार कर सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ‘कोई भी देश जो सुप्रीम कोर्ट के इस बेतुके फैसले के साथ गेम खेलना चाहता है, उन पर कहीं ज्यादा टैरिफ लगेगा और यह उससे भी बुरा होगा जिस पर वे हाल ही में सहमत हुए हैं। खासकर उन देशों को सावधान रहने की जरूरत है जिन्होंने सालों और दशकों तक अमेरिका को धोखा दिया है।’
भारत पर निशाना
जानकारों का कहना है कि ट्रंप की पोस्ट की टाइमिंग और शब्दावली भारत की तरफ इशारा करती है। ट्रंप की पोस्ट से कुछ ही घंटे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका दौरा टाल दिया था। यह प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के बीच इस महीने की शुरुआत में घोषित ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए अमेरिका जा रहा था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भारत दोनों देशों के बीच हाल में घोषित ट्रेड डील से हटने पर विचार नहीं कर रहा है।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ripped off जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। वह भारत के खिलाफ पहले भी इस तरह के शब्दों का प्रयोग कर चुके हैं और उनका आरोप है कि भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया है। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल का कहना है कि ट्रंप की पोस्ट पूरी तरह भारत की तरफ इशारा है। उन्होंने ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “उन्होंने (ट्रंप ने) सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया के एक सवाल के जवाब में भारत के संबंध में ‘रिप्ड ऑफ’ शब्द का इस्तेमाल किया। उनकी ईगो वाली सोच एक गंभीर समस्या है।”
मोलभाव का मौका
हालांकि केवल भारत ने ही अमेरिका के साथ ट्रेड डील को नहीं टाला है। यूरोपियन यूनियन ने भी अमेरिका के साथ ट्रेड डील को मंजूरी रोक दी है। दोनों पक्षों के बीच पिछले साल जुलाई में डील हुई थी। पूर्व चीफ इकनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ट्रंप सरकार के हाथ कमजोर हुए हैं। कई देश इस कमजोरी का फायदा उठाना चाहेंगे। ट्रंप ने भारत पर पहले 50% टैरिफ लगाया था जिसे बाद में घटाकर 18% कर दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत अब फिर से मोलभाव करने की स्थिति में है।






