Monday, February 23, 2026
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NEET में शानदारˈ नंबर लाई, बनने वाली थी डॉक्टर… ‘इज्जत’ के लिए पिता ने उसी की बलि चढ़ा दीˌ

NEET में शानदारˈ नंबर लाई, बनने वाली थी डॉक्टर… ‘इज्जत’ के लिए पिता ने उसी की बलि चढ़ा दीˌ
NEET में शानदारˈ नंबर लाई, बनने वाली थी डॉक्टर… ‘इज्जत’ के लिए पिता ने उसी की बलि चढ़ा दीˌ

18 साल की लड़की, जो सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने वाली थी, उसे अपने ही घर वालों ने मौत के घाट उतार दिया. पुलिस का कहना है कि ये मामला ऑनर किलिंग का है, जिसमें उसके पिता और चाचा ने मिलकर उसकी जान ले ली.

कोर्ट में सुनवाई से पहले हुआ कांड
लड़की ने दिन-रात मेहनत करके NEET में 478 अंक हासिल किए थे. इससे उसका सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पक्का था. लेकिन उसके घर वालों को उसकी पढ़ाई और भविष्य से ज़्यादा “इज्जत” की चिंता थी.

चाचा को था डर, “लड़कों से पढ़ेगी तो प्यार हो जाएगा”
पुलिस के मुताबिक, चंद्रिका के चाचा ने कुछ कॉलेज देखे, जहां लड़के-लड़कियां साथ पढ़ते थे. वापस आकर उन्होंने लड़की के पिता से कहा कि अगर वो कॉलेज गई तो किसी लड़के से प्यार करके शादी कर सकती है, और ये परिवार की “बदनामी” होगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके बाद घरवालों ने उसका फोन छीन लिया, सोशल मीडिया से दूर कर दिया और उसे सिर्फ घर के काम में लगा दिया.

दूध में नशा, फिर गला दबाकर हत्या
FIR के मुताबिक, को चाचा ने पिता के कहने पर लड़की को दूध में नशे की दवा मिलाकर पिलाया. जब वो बेहोशी में जाने लगी तो उसे घर के स्टोररूम में ले जाकर चुन्नी से गला दबा दिया. इसके बाद उन्होंने इसे आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की.

गांव वालों से झूठी कहानी
पुलिस के मुताबिक, शिवराम ने कुछ लोगों से कहा कि चंद्रिका को हार्ट अटैक आया, और कुछ से बोला कि उसने खुदकुशी कर ली. साथ ही, सभी से कहा कि असली बात किसी को न बताएं. जांच में साफ हुआ कि ये पूरी तरह से प्लान करके की गई हत्या थी. फिलहाल लड़की का पिता फरार है, जबकि चाचा पुलिस की गिरफ्त में है.

me.sumitji@gmail.com

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