Sunday, February 22, 2026
Crime

वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत, यूपी में इस ट्रेन पर कितनी बार पथराव?

वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत, यूपी में इस ट्रेन पर कितनी बार पथराव?

वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव, ट्रेन में सवार थे मोहन भागवत, यूपी में इस ट्रेन पर कितनी बार पथराव?

Stone Pelting On Vande Bharat Express Train In Hardoi : उत्तर प्रदेश में सेमी-हाई स्पीड और वीआईपी ट्रेनों को निशाना बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा और बेहद गंभीर मामला गुरुवार को हरदोई में सामने आया, जहां वाराणसी-मेरठ वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया। मामला इसलिए संवेदनशील हो गया, क्योंकि इस ट्रेन में आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत सवार थे। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा और वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

वाराणसी से मेरठ जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (22489) दोपहर 1:50 बजे लखनऊ से रवाना हुई थी। संघ प्रमुख मोहन भागवत के ट्रेन में होने के कारण लखनऊ स्टेशन पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम थे। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जैसे ही ट्रेन लखनऊ से आगे बढ़ी और हरदोई के कौढ़ा गांव (बलोखर फाटक) के पास पहुंची, अचानक एक पत्थर कोच की खिड़की से टकराया। तेज आवाज के साथ शीशा चटक गया, जिससे कोच के भीतर बैठे यात्रियों में अफरातफरी मच गई।

प्रशासन का दावा: खेल रहे बच्चों की शरारत

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन, जीआरपी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। कोतवाली देहात थाना प्रभारी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि ट्रैक के पास कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि या तो गेंद ट्रेन से टकराई है या फिर बच्चों ने शरारतन पत्थर फेंका है। हालांकि, आरपीएफ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात अराजक तत्वों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

पत्थरबाजों के रडार पर वंदे भारत : यूपी के आंकड़े डरावने

उत्तर प्रदेश में वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं अब एक पैटर्न बनती जा रही हैं। पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि रायबरेली और लखनऊ के आसपास का इलाका पत्थरबाजों का गढ़ बन चुका है।

रेलवे के लिए बड़ी चुनौती

अति आधुनिक सुविधाओं से लैस मेक इन इंडिया की प्रतीक इन ट्रेनों पर बार-बार हो रहे हमले रेलवे की संपत्ति के साथ-साथ यात्रियों की जान के लिए भी बड़ा खतरा हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता की बात यह है कि सख्त कानूनों के बावजूद ये घटनाएं रुक नहीं रही हैं। जीआरपी और आरपीएफ अब कौढ़ा गांव के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह बच्चों की नादानी थी या किसी गहरी साजिश का हिस्सा।

me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply