प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत और ब्राजील का एक साथ आना अंतरराष्ट्रीय मंच पर वैश्विक दक्षिण की आवाज को कैसे मजबूत करता है। उन्होंने समकालीन चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में सुधार का आह्वान किया और इस दिशा में मिलकर काम करने के लिए भारत और ब्राजील के संकल्प की पुष्टि की। उन्होंने ये बातें राष्ट्रीय राजधानी में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर भारत और ब्राजील की साझेदारी मजबूत और प्रभावशाली रही है। लोकतांत्रिक राष्ट्र होने के नाते, हम वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे। जब भारत और ब्राजील मिलकर काम करते हैं, तो वैश्विक दक्षिण की आवाज और भी मजबूत और आत्मविश्वास से भरी हो जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि हमारा मानना है कि सभी समस्याओं का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। भारत और ब्राजील इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी मानवता के शत्रु हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हम इस बात से भी सहमत हैं कि हमारे समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है। हम इस दिशा में मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुकूल कृषि, सटीक खेती और जैव उर्वरक के क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी। महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ धातुओं पर हुआ समझौता एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। रक्षा क्षेत्र में भी हमारा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। यह आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल का एक बेहतरीन उदाहरण है। हम इस लाभकारी साझेदारी को और मजबूत करना जारी रखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “स्वास्थ्य और औषधि क्षेत्रों में भी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। हम भारत से ब्राजील को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की आपूर्ति बढ़ाने के लिए काम करेंगे।


