
Science News: साल 1988 से हमारी धरती को अंतरिक्ष से एक अजीब सिग्नल मिल रहा है, जो अनोखे पैटर्न को फॉलो करता है. इस सिग्नल की आवाज हर 22 मिनट में एक बार आती है. GPM J1839-10 हर 22 मिनट में एक रेडियो पल्स एमिट करता है, जो हर बार कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रहता है. यह एक कॉस्मिक एनालॉमी है, जो इतना शक्तिशाली है कि साइंटिस्ट भी इसके बारे में समझ नहीं पा रहे हैं. आमतौर पर ऐसे संकेत पल्सर नाम के मृत तारों से आते हैं, जो तेजी से घूमते हैं और हर कुछ सेकंड में एक संकेत भेजते हैं, लेकिन यह संकेत हर 22 मिनट में आता है, जो बेहद लंबा समय है.
सिग्नल ने चौंकाया वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सिग्नल एक धीमी स्पीड से घूमने वाले न्यूट्रॉन स्टार से आ रहा है, हालांकि यह समझना मुश्किल है कि एक स्लो स्पीड से घूमने वाला तारा इतना शक्तिशाली सिग्नल कैसे भेज सकता है. इस तारे के लिए ऐसा करना बेहद मुश्किल है. बता दें कि GPM J1839-10 स्कूटम तारामंडल से 15,000 लाइट ईयर्स की दूरी पर स्थित है. इस सिग्नल को साल 2022 में ‘कर्टिन यूनिवर्सिटी’ की ओर से खोजा गया था. जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप और वेरी लार्ज ऐरे से प्राप्त आर्काइवल डाटा से पता चला है कि यह वस्तु साल 1988 से सिग्नल एमिट कर रही है. तब से इसका पैटर्न नहीं बदला है.
विस्फोटों का कारण बताया जा रहा है कि इन रेडियो विस्फोटों की अवधि 30 सेकंड से 5 मिनट तक हो सकती है. इसके कई कारण भी बताए गए हैं. कुछ का मानना है कि यह आवाज किसी अल्ट्रा लॉन्ग टर्म मैग्नेट या संभावितन रूप से किसी व्हाइट ड्वार्फ पल्सर से आ रही है. यह वस्तु चाहे जो भी हो एक नॉर्मल पल्सर एमिशन की डेडलाइन के किनारे पर स्थित है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस सीमा के बाद एमिशन को बंद हो जाना चाहिए.
रेडियो सिग्नल्स ने बदला सोचने का तरीका इस विचित्र व्यवहार वाली वस्तु की खोज ने एस्ट्रोनॉमर्स के पल्सर और रेडियो सिग्नल्स के बारे में सोचने के तरीके को बदल दिया है. यह देखने के बाद कि इतनी कम स्पीड से चलने वाली कोई वस्तु भी मजबूत सिग्नल पैदा कर सकती है अब इस पर बहस छिड़ गई है कि क्या ब्रह्मांड में ऐसी वस्तुएं मौजूद हो सकती हैं? वे इस बात का दोबारा विश्लेषण कर रहे हैं कि किस तरह की वस्तुएं स्थिर, दोहराए जाने वाले कॉस्मिक साइन पैदा कर सकते हैं.




