
US Tariff Update: अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड ट्रंप को सबसे बड़ा झटका लगा है. अमेरिका ने ट्रंप के लगाए टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप के लगाए ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया. कोर्ट ने इसे गैरकानूनी बताते हुए 6-3 के बहुमत से रद्द करने का फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने साफ कहा कि अमेरिकी संविधान के तहत टैक्स और टैरिफ लगाने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस यानी वहां की संसद को है, न कि राष्ट्रपति को. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद जो ट्रंप व्यापार घाटे के बहाने टैरिफ का हथियार चलाकर दुनियाभर के देशों पर अपनी मनमानी चला रहे थे, अब वो बैकफुट पर आ गए हैं.
टैरिफ रद्द होने से भारत पर क्या होगा असर ? अमेरिकी राष्ट्रपति की कुर्सी संभालने के बाद अप्रैल 2025 में ट्रंप ने व्यापार घाटे और राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए दुनिया के तमाम देशों पर भारी टैरिफ लगाया. किसी भी देश को अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए, उसे अपना सामान बेचने के लिए ज्यादा टैक्स भरना पड़ रहा था. ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फीसदी का टैरिफ लगाया. फिर रूस से तेल खरीदने के बदले उसपर 25 फीसदी की पेनेल्टी लगाकर कुल टैरिफ को 50 फीसदी कर दिया. हालांकि ट्रेड डील की घोषणा करने के बाद ट्रंप प्रशासन से भारत पर टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया. अब जबकि अमेरिकी की सुप्रीम कोर्ट ने इस टैरिफ को ही गैरकानूनी बता दिया है तो भारत पर लगने वाला 18 फीसदी का टैरिफ भी रद्द हो जाएगा. टैरिफ रद्द हुआ तो अमेरिकी को कितनी रकम वापस करनी होगी ? ट्रंप के टैरिफ के गैरकानूनी साबित होने के बाद अब अमेरिका को उन देशों, उन कंपनियों को टैरिफ वापस करनी होगी, जो वो अब तक आयात के बदले वसूल रहे थे. ये आसान नहीं होगा, टैरिफ के तौर पर वसूली गई रकम वापस करने में अमेरिका की सांसें फूल सकती है. ट्रंप बार-बार इस बात की गुहाई दे रहे थे कि अगर टैरिफ अवैध हुआ तो अमेरिका बर्बाद हो जाएगा. ट्रंप इससे पहले भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ के जरिए बता चुके हैं कि टैरिफ वापस करने पर सैकड़ों अरबों या खरबों डॉलर का खर्च होगा. उन्होंने तो ये तक कह दिया कि अमेरिका के लिए टैरिफ का ये भुगतान करना लगभग नामुमकिन होगा. ट्रंप ने अपने पोस्ट में ये तक लिखा था कि अगर टैरिफ रद्द होता है और उन्हें भुगतान वापस करना पड़ेगा और ये इतनी बड़ी रकम होगी, जिसे पता करने में कई साल लग जाएंगे.
175 अरब डॉलर की भारी भरकम रकम ट्रंप करेंगे वापस? रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से ट्रंप टैरिफ के गैरकानूनी साबित होने के बाद अमेरिका को 175 अरब डॉलर से अधिक का टैरिफ कलेक्शन वापस करना होगा. Penn-Wharton Budget Model के मुताबिक ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ से अमेरिका ने175 अरब डॉलर से अधिक की वसूली की है. अब वो उसे वापस करनी पड़ेगी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस के बजट ऑफिस के मुताबिक अमेरिका ने टैरिफ से सालाना करीब 300 अरब डॉलर राजस्व का अनुमान लगाया था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब उनकी मुश्किलें बढ़ गईं है. भारत पर जब अमेरिका ने रूसी तेल से दूरी के बदले 25 फीसदी टैरिफ हटाया था तो पहले तो उन्हें पेनाल्टी के रूप में वसूले गए 40 हजार करोड़ रुपये रिफंड के तौर पर वापस करने थे, अब ये रकम और बढ़ जाएगी, क्योंकि अभी भी भारत पर उसने 18 फीसदी का टैरिफ लगाया है, जो अब अमान्य हो गया है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका में क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ रद्द हो जाएंगे. अमेरिका को उन तमाम कंपनियों और देशों को टैरिफ का पैसा वापस करना होगा,जिनसे उन्होंने अब तक वसूला है. दुनिया के देशों को अमेरिका में सामान बेचने में राहत मिलेगी और अमेरिका का आयात सस्ता हो जाएगा. आयात सस्ता होने से अमेरिका में चीजें सस्ती हो जाएंगी. भारत, चीन और यूरोप के निर्यातकों को फायदा होगा.






