Saturday, February 21, 2026
CrimeIndiaTrending

पहले कुल्हाड़ी सेˈ की हत्या, फिर दिमाग और आंख कच्चा चबाया… अब 60 साल बाद नरभक्षी हुआ आजादˌ

पहले कुल्हाड़ी सेˈ की हत्या, फिर दिमाग और आंख कच्चा चबाया… अब 60 साल बाद नरभक्षी हुआ आजादˌ
पहले कुल्हाड़ी सेˈ की हत्या, फिर दिमाग और आंख कच्चा चबाया… अब 60 साल बाद नरभक्षी हुआ आजादˌ

अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य में साल 2011 में हुई एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात, जिसने पुलिस से लेकर डॉक्टरों तक सभी को हिला दिया था. एक बेघर व्यक्ति की हत्या, उसके शरीर के अंगों को खाना और फिर पागलपन की हालत में पकड़ा जाना. ये सब किसी हॉरर फिल्म जैसा लगता है. लेकिन ये पूरी तरह सच था. यही मामला है टायरी स्मिथ, जिसे मीडिया ने नाम दिया ‘कनेक्टिकट कैनिबल.’ तो चलिए आपको इस टायरी स्मिथ असल कहानी बताते हैं.

हत्या कर कच्चा दिमाग चबाया
2011 में टायरी स्मिथ ने ब्रिजपोर्ट शहर में रहने वाले बेघर व्यक्ति एंजेल गोंजालेज की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. वारदात के बाद वह उसके दिमाग का एक हिस्सा और एक आंख खाकर एक कब्रिस्तान में बैठा मिला. घटना से एक दिन पहले वह अपनी कजिन निकोल रैब के घर गया था और ग्रीक देवताओं के बारे में बेतरतीब बातें करते हुए बोला था कि उसे ‘अपने हाथ खून से रंगने हैं.’ अगले ही दिन वह खून से लथपथ उसी कजिन के घर पहुंचा और बताया कि उसने किस तरह एंजेल को कुल्हाड़ी से मारा और फिर उसकी आंख और दिमाग का हिस्सा खाया.

उसने यहां तक कहा कि आंख का स्वाद ‘सीप जैसा’ था और वह यह सब जापानी शराब साके पीते हुए कर रहा था. कुछ दिनों बाद एक खाली अपार्टमेंट में गोंजालेज का बुरी तरह सड़ा हुआ शव मिला.

60 साल के लिए व्हाइटिंग फॉरेंसिक हॉस्पिटल में भर्ती
2013 में कोर्ट ने माना कि वारदात के समय टायरी स्मिथ गंभीर मानसिक बीमारी स्किजोफ्रेनिया से पीड़ित था. उसे हत्या का दोषी नहीं, बल्कि पागलपन की वजह से निर्दोष घोषित किया गया और 60 साल के लिए व्हाइटिंग फॉरेंसिक हॉस्पिटल में भर्ती कर दिया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, दवाइयों और लगातार इलाज से स्मिथ की मानसिक हालत पूरी तरह नियंत्रण में आ गई. वहीं एक फॉरेंसिक मनोचिकित्सक ने बताया कि अब वह हॉस्पिटल में दूसरों को शांत रखने में मदद करता है और उसकी प्रवृत्ति पहले जैसी नहीं रही.

जेल से बाहर आ गया है टायरी
2025 की शुरुआत में मनोवैज्ञानिक सुरक्षा समीक्षा बोर्ड ने टायरी को कंडिशनल रिलीज दे दी. अब वह कड़ी निगरानी, नियमित दवाइयों और थेरेपी की शर्तों के साथ लोगों के बीच में रह रहा है. लेकिन जेल से मिले कुछ दस्तावेज बताते हैं कि उसने कैद के दौरान कई कैदियों से झगड़े भी किए थे. एक बार तो उसे बाकी कैदियों से अलग रखना पड़ा क्योंकि उसने बताया कि किसी ने उसके साथ बदतमीजी की थी.

एंजेल गोंजालेज की भाभी तलीथा फ्रेजियर का कहना है कि टायरी अभी भी समाज के लिए खतरा है. उनके अनुसार ‘जेल में रहते हुए भी वह हिंसक हरकतें करता रहा, तो फिर बाहर कैसे सुरक्षित है.’ हालांकि कोर्ट में फैसला सुनाए जाने से पहले टायरी ने एंजेल की मौत के लिए माफी मांगी थी.

ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।
me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply