जिस वक्त भारत में दुनिया भर के कई राष्ट्र अध्यक्ष और बड़े-बड़े बिजनेसमैन एआई समिट में हिस्सा ले रहे हैं, ठीक उसी वक्त ईरान को चारों तरफ से घेरा जा चुका है। खबरें हैं कि इस हफ्ते अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। सिर्फ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। ईरान और रूस के जंगी जहाज भी अमेरिका के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन करने उतर आए हैं। लेकिन इस भयंकर तनाव के बीच अचानक ईरान में लाखों घर हिलने लगे। वैसे आने वाले कुछ घंटे पूरी दुनिया को हिला देंगे। लेकिन इस वीडियो में हम आपको बताएंगे कि ईरान में यह घर क्यों हिलने लगे।
ईरान के चारों तरफ मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद अपनी एयरफोर्स की सबसे बड़ी तैनाती कर दी है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में F35, F22 रैप्टर, F15 और F16 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की कई स्क्वाडंस तैनात कर दी हैं। बड़े पैमाने पर एयर ऑपरेशंस के लिए जरूरी कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं। हाल ही के हफ्तों में एयर डिफेंस सिस्टम्स भी इस इलाके में तैनात किए जा चुके हैं। आप एक बार ईरान के आसपास अमेरिका के नेवल और मिलिट्री बेसिस देख लीजिए। खबरें हैं कि इस बार अगर हमला हुआ तो कार्रवाई बहुत बड़ी होगी क्योंकि अमेरिका के साथ इस बार इजराइल भी पूरी ताकत के साथ कूदेगा। लेकिन जिस वक्त धीरे-धीरे अमेरिका और इजराइल ईरान की तरफ कदम दर कदम बढ़ रहे हैं। ठीक उसी वक्त ईरान की धरती कांपने लगी है।
खबर आई है कि ईरान में अचानक 5.5 तीव्रता का भूकंप आ गया। लेकिन अब सवाल उठ रहे हैं कि ईरान में लाखों घरों को हिलाने वाली यह घटना भूकंप थी या सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट। कुछ लोगों का मानना है कि यह सही में भूकंप था? तो कई लोग दावे कर रहे हैं कि ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटीज के पास कुछ हलचल देखी गई है। बहरहाल अमेरिका की तरफ से आते हुए खतरे के बीच ईरान को रूस का साथ मिला है। उत्तरी हिंद महासागर में रूस और ईरान की स्पेशल फोर्सेस ने संयुक्त एयर सी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस समुद्री अभ्यास में डाकुओं से जहाजों को मुक्त करवाने की एक्सरसाइज की गई है।
बहरहाल अब आते हैं भारत पर। ईरान पर हमला हुआ तो भारत भी बुरी तरह फंस सकता है। सबसे पहले तो एक चुनौती इंटरनल सिक्योरिटी को लेकर भी खड़ी हो सकती है। अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है तो भारत के शिया मुस्लिम सड़कों पर उतर आएंगे। पिछले कुछ हफ्तों से भारत के शिया मुस्लिम पहले से ही ईरान के लिए समर्थन में रैलियां निकाल रहे थे।


