
स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए थे। अभिभावकों का कहना है कि आरोपी प्रिंसिपल सजा देने के बहाने मासूमों को अपने कक्ष में बुलाता था। उनके साथ अश्लील हरकतें और छेड़छाड़ करता था। ग्रामीणों ने स्कूल में हंगामा किया था। मामला सुलझाने के लिए गणमान्य लोगों की उपस्थिति में पंचायत बैठी।
यूपी के रामपुर के बिलासपुर क्षेत्र के एक स्कूल में बच्चों के साथ अश्लीलता और प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ के मामले में मंगलवार को पंजाबनगर स्थित गुरुद्वारे में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और आरोपी प्रिंसिपल को निलंबित करने की घोषणा की। हालांकि, आक्रोशित अभिभावक इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुए और आरोपी प्रिंसिपल की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
भोट थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित स्कूल के छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए थे। अभिभावकों का कहना है कि आरोपी प्रिंसिपल सजा देने के बहाने मासूमों को अपने कक्ष में बुलाता था और उनके साथ अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ करता था। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने पहले भी स्कूल में हंगामा किया था, जिसके बाद मामले को सुलझाने के लिए मंगलवार को गणमान्य लोगों की उपस्थिति में पंचायत बैठी।
करीब ढाई घंटे तक चली इस पंचायत में ब्लॉक प्रमुख कुलवंत सिंह औलख और मुल्लाखेड़ा प्रधानपति जोगिंदर सिंह बिट्टू समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। स्कूल प्रबंधन की ओर से आए प्रतिनिधियों समेत प्रिंसिपल ने समाज से सामूहिक माफी मांगी और भविष्य में ऐसी घटना न होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल को पद से हटा दिया गया है। लेकिन अभिभावकों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यह बच्चों के भविष्य और अस्मिता का सवाल है, इसलिए केवल निलंबन काफी नहीं, आरोपी को जेल भेजा जाए। फिलहाल मामले में कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है और गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने पीड़ित बच्चों के दर्ज किए बयान
स्कूल में प्रिंसिपल द्वारा छेड़छाड़ मामले में मैनेजमैंट ने स्कूल की दो दिन की छुट्टी कर दी है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वहीं थाना पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह त्यागी ने बताया कि बच्चों के अभिवावकों ने स्कूल प्रिंसिपल पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। जिसकी विवेचना शुरू कर दी गयी है। मंगलवार को पीड़ित बच्चों के परिजन बच्चों के साथ थाने आए थे। जिसके बाद विवेचन द्वारा बच्चों के बयान लेकर विवेचना से संबधित अन्य जांच की जा रही है।





