Thursday, February 19, 2026
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‘पापा बोल रहे न मम्मी, भइया भी शांत, एक बार तो उठ जाओ’, शवों को देख बिलख पड़ी बेटी!..

‘पापा बोल रहे न मम्मी, भइया भी शांत, एक बार तो उठ जाओ’, शवों को देख बिलख पड़ी बेटी!..
‘पापा बोल रहे न मम्मी, भइया भी शांत, एक बार तो उठ जाओ’, शवों को देख बिलख पड़ी बेटी!..

न पापा बोल रहें हैं न मम्मी, भइया भी शांत है…। आखिर तुम लोगों के साथ किसने ऐसा कर दिया। रविवार रात 9:50 बजे तो मां आप से फोन पर बात हुई थी। तब आप ने ही बताया था कि पिता खाना खा रहे हैं। हम आ गए हैं… एक बार तो उठ जाओ। अब हमारा क्या होगा… किससे बात करेंगे।

इस कांड को करने वाले को भगवान कभी माफ नहीं करेंगे… मेरा पूरा परिवार खत्म कर दिया। यह करुण क्रंदन था मेरठ से पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची रिटायर्ड फौजी चेतराम की शादीशुदा बेटी प्रीति का। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। तीनों के शवों के पास जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर बिलखती प्रीति ने कहा कि मेरे माता-पिता और भाई की हत्या करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

पोस्टमॉर्टम के बाद जब रिटायर्ड फौजी चेतराम और उनकी पत्नी सुनीता का शव परिसर में लाकर रखा गया तो उनकी बहन समुद्री बिलखकर चीखते हुए बोलीं कि पागल आदमी है… ये क्या कर दिया। भतीजे दीप का शव देख बुआ समुद्री बेहोश हो गई। तीनों शवों का अंतिम संस्कार ड्योढ़ी घाट पर किया गया।

यह था पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के कानपुर के सेन पश्चिम पारा में सोमवार तड़के रिटायर्ड फौजी चेतराम पासवान (52) ने पत्नी सुनीता (45) और बेटे दीप (16) की दोनाली बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद ट्रेन से कटकर जान दे दी। पुलिस उनकी बाइक के नंबर के आधार पर घर पहुंची। घर में पत्नी व बेटे के खून से लथपथ शव पड़े मिले।

पुलिस और फॉरेंसिक ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर और डीसीपी साउथ ने मौके पर पहुंचकर रिश्तेदारों से पूछताछ की। दंपती में अक्सर विवाद होने और रिटायर्ड फौजी के सट्टे की लत में कर्जदार होने की बात सामने आई है।

मूलरूप से घाटमपुर के सेरुआ बखरिआ गांव निवासी चेतराम पांच साल पहले सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद से मालरोड स्थित रिजर्व बैंक में सिक्योरिटी गार्ड थे। परिवार में पत्नी सुनीता और बेटा दीप थे। दीप कक्षा नौ का छात्र था।

तुलसियापुर में नए घर में शिफ्ट हुआ था परिवार
पूरा परिवार अक्तूबर 2025 में तुलसियापुर में नए घर में शिफ्ट हुआ था। पहले परिवार आवास विकास हंसपुरम में रहता था। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सोमवार तड़के करीब पौने छह बजे डीएफसी रेलवे ट्रैक पर कठोंगर गांव के पास मालगाड़ी के आगे एक शख्स के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी।

ट्रैक के पास बाइक भी मिली थी। जीआरपी ने शख्स की शिनाख्त के लिए बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच कराई तो वह आवास विकास निवासी चेतराम पासवान की निकली।

घर में पत्नी और बेटे के शव मिले
पुलिसकर्मी आवास-विकास के पते पर पहुंचे, जहां उन्हें चेतराम के मकान बेचने और तुलसीपुर स्थित नए घर के बारे में पता चला। वहां पहुंचने पर मेन गेट बंद मिला लेकिन धक्का देने पर खुल गया। अंदर कमरे में बिस्तर पर पत्नी सुनीता और जमीन पर बेटे दीप के खून से सने शव पड़े थे।

me.sumitji@gmail.com

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