
Viral News: पोलैंड के शहर स्वेंताखोवाविजा (Świętochłowice) में जुलाई के महीने में पड़ोसियों ने एक फ्लैट से अजीब शोर सुना, जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया. मौके पर पहुंची पुलिस को 42 साल की मिरेला नाम की महिला मिली, जो इतनी कमजोर थी कि डॉक्टरों ने उसे मौत से कुछ ही दिन दूर बताया. पुलिस अधिकारी अन्ना हरिनियाक ने बताया कि शुरुआत में मिरेला ने कहा कि सब ठीक है, लेकिन उसके शरीर पर चोटों और हालत देखकर तुरंत मेडिकल टीम बुलानी पड़ी.
मिरेला आखिर इतने साल गायब कैसे रही?
मिरेला को आखिरी बार 1998 में, जब वह सिर्फ 15 साल की थी, सार्वजनिक रूप से देखा गया था. लोगों को बताया गया कि वह घर छोड़कर चली गई है, लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा डरावनी निकली. 27 साल तक वह उसी कमरे में बंद रही, कभी शहर नहीं देखा, कभी डॉक्टर, दंत चिकित्सक या हेयरड्रेसर तक नहीं गई. उसके पास पहचान पत्र तक नहीं था, जैसे वह इस दुनिया से ही गायब कर दी गई हो.
उसकी हालत इतनी गंभीर क्यों थी?
डॉक्टरों ने पाया कि मिरेला गंभीर संक्रमण, कुपोषण और गंदगी से जूझ रही थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उसके दांत और बाल इतने खराब थे कि अब प्राइवेट क्लिनिक में इलाज कराना पड़ रहा है. सोशल मीडिया पर लोगों ने उसके लिए फंडरेजिंग भी शुरू की, क्योंकि उसका जीवन अब एक लंबी और महंगी चिकित्सा प्रक्रिया पर निर्भर है.
जांच में क्या आया सामने?
मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, पोलैंड की पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अगनियस्क ख्वतेरा ने पुष्टि की है कि इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू हो चुकी है. सवाल यह है कि आखिर एक सामान्य, हेल्दी 15 साल की लड़की अचानक घर से बाहर निकलना क्यों बंद कर देती है और इतने सालों तक कोई उसे देखने तक क्यों नहीं जाता. कई फैक्ट्स अभी सीक्रेट हैं, लेकिन सच सामने लाने की तैयारी चल रही है.
ब्राजील की बच्ची का मामला क्यों जुड़ा?
इसी तरह का एक दिल दहला देने वाला मामला ब्राजील के शहर सोरोकाबा में सामने आया था, जहां छह साल की एक बच्ची को उसके पूरे जीवन एक अंधेरे कमरे में बंद रखा गया था. वह सिर्फ लिक्विड भोजन पर जिंदा थी, कभी स्कूल नहीं गई और बोलना तक नहीं जानती थी. उसे गंभीर संक्रमण, सेप्टिसीमिया और कुपोषण हो चुका था. पुलिस को गुमनाम सूचना मिलने पर उसका रेस्क्यू किया गया.




