Sunday, February 15, 2026
IndiaPoliticsTrending

भारत ने चुपके से अर्मेनिया को दे दिया ऐसा खूंखार हथियार, अजरबैजान ने खड़ा किया बड़ा हंगामा!

पाकिस्तान का करीबी दोस्त अज़रान इन दिनों भारत पर आरोप लगाए फिर रहा है। आरोप ऐसा कि भारत ने उसके दुश्मन देश आर्मेनिया को इजराइल की घातक तकनीक सौंप दी। दरअसल यह पूरा मामला है किलर ड्रोन का जब हाल ही में आर्मेनिया की कंपनी दवारो ने ड्रैगन फ्लाई 3 नाम का लॉटरीिंग म्यनिशन पेश किया जिसके पेश होने के बाद से असली घमासान शुरू हो गया है और अजरबैजान ने यह दावा किया है कि यह ड्रोन दिखने और क्षमता में बिल्कुल इजराइली हेरोप ड्रोन जैसा है और इसकी टेक्नोलॉजी भारत के जरिए अर्मेनिया तक पहुंची है। अज़र बाइजान ने जिस इजरायली है ड्रोन की तकनीक इस ड्रैगन फ्लाई थ्री ड्रोन में होने की बात कही है, वह इजराइल का एक घातक ड्रोन है जिसे इजराइल एयररोस्पेस इंडस्ट्रीज ने विकसित किया है और यह कोई साधारण ड्रोन नहीं बल्कि ड्रोन और मिसाइल का खतरनाक कॉम्बिनेशन है। यह ड्रोन करीब 9 घंटे तक हवा में मंडराते रहने की क्षमता रखता है और इस दौरान यह टारगेट की तलाश करता है और सही वक्त आने पर सीधे उससे टकराकर खुद को उड़ा देता है। 

करीब 23 किमी विस्फोटक के साथ और 1000 किमी से ज्यादा रेंज इसे बना देती है एक घातक साइलेंट शिकारी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अर्मेनिया के पास ऐसी ही सेम तकनीक वाली ड्रोन होने का दावा कर रहा है तो यह दावा उसके डर को दिखाता है। दरअसल साल 2020 के नारगोन काराबाक युद्ध में अज़रबजान ने इजराइल की मदद से लिए गए इन्हीं हेरोप ड्रोंस का इस्तेमाल आर्मेनिया के खिलाफ किया था। सलिए अगर अब आर्मेनिया के पास भी हैरोप जैसी ही क्षमता आती है तो अज़रान की बढ़ती हुई बेचैनी को साफ-साफ समझा जा सकता है। हालांकि अज़र भाईजान के इन दावों की कहीं भी पुष्टि नहीं हुई है और इस दावे पर भारत की तरफ से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

आर्मेनिया भारत के रक्षा उत्पादों का एक बड़ा ग्राहक है। जिसे भारत ने पिनाका से लेकर आकाश जैसी मिसाइल और स्वाति वेपन लोकेटिंग रडदार जैसे उपकरण दे रखे हैं। जो कि भारत और आर्मेनिया के बीच के अच्छे रिश्तों को दिखाता है। इसी बीच आपको यह भी बता दें कि इजराइल और अज़र भाईजान के रिश्ते मजबूत होते दिख रहे हैं।  हाल ही में दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर एक एमओयू साइन किया है और दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई मुलाकात में यह बात सामने आई। इजराइल एरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने साफ किया है कि वह सभी अंतरराष्ट्रीय सौदों में कानून और रक्षा मंत्रालय के निर्देशों का पालन करती है।
me.sumitji@gmail.com

Leave a Reply