
ढाका: बांग्लादेश में बीएनपी नई सरकार बनाने वाली है और तारिक रहमान ने आज अपनी पहले स्पीच में ये साफ कह दिया है कि वो ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति से देश चलाने वाले हैं. वहीं, बीएनपी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद, तारिक रहमान की ताजपोशी का समय अब बेहद करीब है. जिसे लेकर हलचल तेज हो गई हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पीएम का शपथ ग्रहण कब होगा, कौन-कौन से देशों के प्रमुखों के न्योता दिया जाएगा? जैसे कई सवाल पूछे जा रहे हैं. इस बीच बांग्लादेश में नई सरकार बनाए जाने के रास्ते में कई रोड़े हैं, जिसे लेकर पीटीआई की रिपोर्ट में खुलासा किया गया है.
तारिक रहमान के सामने संकट क्या है?
दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन अगले तीन से चार दिनों के भीतर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान के नए मंत्रिमंडल को शपथ दिला सकते हैं लेकिन नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ बीएनपी नीति निर्माता नेता ने पीटीआई को बताया कि शपथ ग्रहण समारोह 16 या 17 फरवरी को होने की संभावना है.
अब संविधान के अनुसार, मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह के बाद नए संसद सदस्यों का शपथ ग्रहण होना अनिवार्य है, जबकि रहमान के एक प्रमुख सहयोगी ने नाम ना छापने की शर्त पर ऐसी मौजूदा कानूनी स्थिति के बारे में बताया है जिसकी वजह से सरकार बनाने के रास्ते में रोड़ा पैदा हो गया है.
पीटीआई को सोर्स ने बताया कि ‘पिछली संसद की अध्यक्ष को सांसदों को पद की शपथ दिलानी थी, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और अभी लापता हैं, वो कहां है इसके बारे में किसी को कोई खबर नहीं है. इसके अलावा उपाध्यक्ष जेल में हैं’.
राष्ट्रपति निकालेंगे रास्ता
हालांकि, इस स्थित से निपटने के लिए कानून में प्रावधान है लेकिन इसमें थोड़ा समय लग रहा है. पीटीआई के मुताबिक सोर्स ने कहा कि ‘ऐसी परिस्थितियों में राष्ट्रपति सांसदों को शपथ दिलाने के समारोह के संचालन के लिए किसी व्यक्ति को नियुक्त कर सकते हैं और तब सारी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है’.
कब होगी तारिक रहमान की ताजपोशी?
बता दें कि तारिक रहमान की ताजपोशी की तारीख पर कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने कोई निश्चित डेट नहीं बताई है लेकिन कहा है कि ‘संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति, बंगभवन (राष्ट्रपति भवन) में शपथ दिलाएंगे’. कैबिनेट सचिव ने कहा कि संविधान के अनुसार, निर्वाचित सांसदों को राजपत्र अधिसूचना जारी होने के तीन दिनों के भीतर शपथ लेनी होगी और उसके बाद बहुमत वाली पार्टी अपने संसदीय नेता का चुनाव करेगी. राजपत्र अधिसूचना शनिवार सुबह जारी की गई थी. कैबिनेट के शपथ ग्रहण की संभावित तिथि के बारे में पूछे जाने पर, राशिद ने कहा कि अभी तक कोई तिथि तय नहीं की गई है.
कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि चूंकि राजपत्र अधिसूचना शनिवार को जारी की गई थी, इसलिए शपथ ग्रहण के लिए तीन दिन की अवधि रविवार, 15, 16 और 17 फरवरी से मानी जा सकती है.





