पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (एमएससी) के लिए जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान एक अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ा, जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोककर अन्य प्रतिभागियों की तरह पहचान पत्र दिखाने को कहा। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और इसने सेना प्रमुख की अंतरराष्ट्रीय मान्यता और वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति पर बहस छेड़ दी है।
गेट पर रोका गया
ऑनलाइन प्रसारित खबरों के अनुसार, फील्ड मार्शल मुनीर को सम्मेलन स्थल पर सुरक्षा अधिकारियों ने रोक लिया और उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा। एक महिला सुरक्षा अधिकारी को उन्हें रुकने और अपना पहचान पत्र दिखाने का निर्देश देते हुए सुना गया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया, रुको – तुम्हारा पहचान पत्र कहाँ है? कृपया अपना पहचान पत्र पलटें। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने अनुरोध का पालन किया और प्रवेश की अनुमति मिलने से पहले अपनी पहचान बताई। हालांकि, इस तरह की जाँच उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में मानक प्रक्रिया है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
इस घटना के वीडियो क्लिप तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैल गए, जिससे प्रतिक्रियाओं की लहर दौड़ गई। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आलोचकों का तर्क था कि यह घटना शक्तिशाली सैन्य नेता की वैश्विक स्तर पर कम पहचान को दर्शाती है। पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी और टिप्पणीकार आदिल राजा ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर “उन्हें कोई नहीं जानता” और यह भी कहा कि मुनीर “पूछे जाने पर गेटकीपरों को भी विनम्रतापूर्वक अपना परिचय देते हैं।
जर्मनी में राजनीतिक प्रतिक्रिया
मुनीर की सम्मेलन में भागीदारी का विरोध करने वाले जर्मनी के कुछ राजनीतिक समूहों के विरोध प्रदर्शनों ने विवाद को और बढ़ा दिया। इनमें जर्मनी स्थित सिंधी राष्ट्रवादी संगठन, जेय सिंध मुत्तहिदा महाज़ (जेएसएमएम) भी शामिल था। समूह के सदस्यों ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को दिए गए निमंत्रण की निंदा करते हुए सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया।
UPDATE!!
Field Marshal Army Chief Asim Munir arrives for Munich Security Conference in Germany— HTN World (@htnworld) February 14, 2026




