Saturday, February 14, 2026
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क्या आपˈ भी लहसुन के साथ पीस देते हैं अदरक? भूल से भी ना करें ये गलती, करोड़ों लोग कर रहे ऐसी मिस्टेकˌ

क्या आपˈ भी लहसुन के साथ पीस देते हैं अदरक? भूल से भी ना करें ये गलती, करोड़ों लोग कर रहे ऐसी मिस्टेकˌ
क्या आपˈ भी लहसुन के साथ पीस देते हैं अदरक? भूल से भी ना करें ये गलती, करोड़ों लोग कर रहे ऐसी मिस्टेकˌ

हमारे किचन में जिंजर-गार्लिक पेस्ट एक बेसिक इंग्रीडिएंट है. करी, स्टिर-फ्राई, मसाला- हर चीज में इसका यूज होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लहसुन और अदरक को साथ पीसना एक भयंकर गलती है? सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बताया गया कि अदरक का एंजाइम जिंजीबेन (Zingibain) लहसुन का मुख्य फ्लेवर कंपाउंड एलिसिन (Allicin) को पूरी तरह नष्ट कर देता है.

इसका नतीजा? खाने में सिर्फ अदरक का तीखापन आता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। लहसुन का स्वाद गायब हो जाता है. करोड़ों लोग रोजाना यह मिस्टेक कर रहे हैं. शेफ्स का सीक्रेट है ‘मॉलिक्यूलर टाइमिंग’ यानी अलग-अलग पीसो और फिर मिलाओ. जैसे ही ये ट्रिक सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, ये वायरल हो गया. लोग हैरान रह गए कि कैसे इतने सालों तक दोनों को एक साथ पीसकर उसका इस्तेमाल कर रहे थे.

ये है साइंस
वीडियो में एक कुकिंग इन्फ्लुएंसर ने एक्सपेरिमेंट दिखाया: एक तरफ लहसुन-अदरक साथ पीसा पेस्ट, दूसरी तरफ अलग-अलग पीसा फिर मिलाया. इससे टेस्ट में फर्क साफ था- साथ पीसा पेस्ट हल्का, बिना लहसुन की तीखी खुशबू वाला था. यह हैक 2025 में फिर ट्रेंड कर रहा है लेकिन साइंस 2010 से ही इसे सपोर्ट करती है. साइंस के मुताबिक़, लहसुन में मौजूद एलिसिन एक सल्फर कंपाउंड है, जो कटने या पीसने पर बनता है. यह एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और फ्लेवर देता है. लेकिन अदरक में जिंजीबेन नामक प्रोटीज एंजाइम होता है, जो प्रोटीन ब्रेकडाउन करता है. जब दोनों साथ आते हैं, जिंजीबेन एलिसिन के मॉलिक्यूल्स को तोड़ देता है. एक स्टडी (Journal of Food Science) में पाया गया कि 30 मिनट में 50% एलिसिन डिग्रेड हो जाता है.

ऐसे करें इस्तेमाल
अब सवाल ये है कि अगर दोनों को साथ में ना पीसें तो इस्तेमाल कैसे करें. हर बेहतरीन शेफ पहले अदरक को रोस्ट करता है. जब वो तेल में अच्छे से भून जाता है तब उसमें लहसुन डाला जाता है. भारत में जिंजर-गार्लिक पेस्ट घरों और रेस्टोरेंट्स में कॉमन है. लेकिन अब लोग जागरूक हो रहे हैं.

me.sumitji@gmail.com

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