
Gold and Silver Price Latest News: शादी का सीजन चल रहा है. आपमें से बहुत लोग ऐसे होंगे, जो गोल्ड-सिल्वर की खरीदारी को लेकर बाजार की तरफ देख रहे होंगे. कि सोने-चांदी के दाम फिर से बढ़ेंगे या अभी और गिरेंगे? आपमें से कई लोग ऐसे होंगे. जिन्होंने सोना-चांदी में मुनाफे की उम्मीद लगाकर मोटा निवेश कर दिया और अब लगातार नुकसान उठा रहे हैं.
पहेली बनी हुई है सोने चांदी की कीमत
सिर्फ आपके लिए नहीं..पूरी दुनिया के लिए इस समय सोने-चांदी की कीमत..पहेली बनी हुई है. दो हफ्ते पहले तक इनके दाम आसमान छू रहे थे और अब कीमत लगातार घट रही है. लेकिन ये सब, क्या ऐसे ही चलता रहेगा. गोल्ड-सिल्वर और शेयर बाजार हर तरफ गिरावट का दौरइसी तरह जारी रहेगा? ऐसे कैसे हो रहा है कि कभी दाम अचानक तेजी से बढ़ जाते हैं और कभी अचानक से बहुत ज्यादा गिर जाते हैं?
आपसे जुड़े ये कुछ अहम सवाल हैं, जिसका विश्लेषण आज जरूरी है. लेकिन इन सवालों से पहले आपको सोने और चांदी के दाम में आई बड़ी गिरावट की पूरी खबर जाननी चाहिए.
सोने के दाम में 3 प्रतिशत की आई गिरावट
अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में कल यानी 12 फरवरी को सोने के दाम में लगभग 3% की गिरावट दर्ज की गई और ये 5,000 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया. चांदी के दाम में तो और ज़्यादा गिरावट दर्ज की गई. चांदी की क़ीमत लगभग 11 प्रतिशत तक गिरी..ये आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार का है.
भारत में गिरावट की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना कल 4 प्रतिशत से ज़्यादा गिरा जबकि चांदी में लगभग 10% तक की गिरावट आई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यानी भारत में चांदी के दाम 10% गिर गए और इंटरनेशनल मार्केट में 11%. ये बहुत बड़ी गिरावट है.
सोचिए, जो सोना-चांदी कुछ हफ़्ते पहले तक हर रोज़ महंगाई का नया रिकॉर्ड बना रहे थे, वो अब गिरावट का नया रिकॉर्ड बना रहे हैं.
50 फीसदी घट चुके हैं चांदी के दाम
29 जनवरी को चांदी का भाव MCX पर 4 लाख 20 हज़ार के पार चला गया था लेकिन 2 हफ़्तों के भीतर यानी 12 फरवरी को उसी MCX पर चांदी का भाव 2 लाख 36 हज़ार के करीब था. इसका मतलब ये है कि एक किलो चांदी सिर्फ 2 हफ्ते में 1 लाख 84 हज़ार रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई. यानी 29 जनवरी से 12 फरवरी के बीच चांदी लगभग 44% सस्ती हो गई. इसे आप ऐसे समझिए कि 14 दिन में 100 रुपये की चांदी की क़ीमत सिर्फ़ 56 रुपये रह गई. यानी आपकी चांदी की कीमत अगर 14 दिन पहले 100 रुपये थी तो उसकी वैल्यू अब सिर्फ 56 रुपये है.
इस दौरान सोने के दाम में भी गिरावट आई. 29 जनवरी को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1 लाख 93 हज़ार रुपये के आसपास चला गया था. लेकिन 12 फरवरी को सोने की क़ीमत 1 लाख 58 हज़ार रुपये पर पहुंच गई. यानी 10 ग्राम सोना 35 हज़ार रुपये सस्ता हो गया. प्रतिशत के मामले में ये गिरावट 18% के आसपास है. कल की तेज़ गिरावट के बाद आज MCX पर सोने और चांदी के दाम में आज थोड़ी रिकवरी देखी जा रही है लेकिन सर्राफा बाज़ार में आज भी गिरावट जारी है.
2 लाख 42 हज़ार रुपए पर आए चांदी के रेट
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक सर्राफा बाज़ार में एक किलो चांदी की कीमत 16,700 रुपए कम होकर 2 लाख 42 हज़ार रुपए पर आ गई है. 2 दिनों में सर्राफा बाज़ार में चांदी की कीमत 24 हज़ार रुपये गिर चुकी है.
इसी तरह सर्राफा बाज़ार में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 2,900 रुपये कम होकर 1 लाख 53 हज़ार रुपये के आसपास हो गई है.यानी जो लोग फिज़िकल सोना-चांदी ख़रीदते हैं या जिन्हें ज्वैलरी बनवानी है, उनके लिए राहत की ख़बर है. लेकिन जिन लोगों ने निवेश के मक़सद से सोना-चांदी ख़रीदी है, उनके लिए नुक़सान ही नुक़सान है. सोने और चांदी को सबसे विश्वसनीय निवेश माना जाता है. बहुत ज़्यादा महंगाई, आर्थिक मंदी और युद्ध की स्थिति में भी सोना लोगों को आर्थिक संकट से सुरक्षा देने वाला धातु माना जाता है.
‘सोना ही असली पैसा है, बाकी सब क्रेडिट’
सोने पर इसी भरोसे को देखते हुए अमेरिका के मशहूर इन्वेस्टमेंट बैंकर जे पी मॉर्गन ने कहा था- Gold is money. Everything else is credit. यानी सोना ही असली पैसा है, बाकी सब क्रेडिट है. यानी कागज़ी नोट, बैंक में पैसा, बॉन्ड और शेयर..ये सभी, उधार या विश्वास पर आधारित हैं जबकि सोना असली धन है.
भारत में तो सोने-चांदी के साथ धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी
हुई हैं. इसे धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ जोड़ा जाता है. लोग सोने-चांदी को सहेज कर पीढ़ी दर पीढ़ी रखते हैं. लेकिन पिछले एक साल से सोने-चांदी के दाम में जो उतार-चढ़ाव आया है, उससे आम लोग चिंतित हैं और बड़े जोखिम का सामना भी कर रहे हैं.
29 जनवरी तक सोने-चांदी का नाम लगातार बढ़ता जा रहा था. लोग मोटा मुनाफ़ा कमाने के चक्कर में सोने-चांदी में भारी मात्रा में निवेश कर रहे थे. फिर उसके बाद भाव गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. जिन लोगों ने महंगे भाव पर सोने-चांदी में निवेश किया था, उन्हें अब भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है. जबकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो महंगे दाम पर सोना-चांदी बेचकर निकल गए. यानी आम निवेशक सोने-चांदी में पैसा लगाकर कंगाल हो गए जबकि कुछ लोग मालामाल हो गए.
शेयर बाजार में 7 लाख 40 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान
आम निवेशकों को परेशानी सिर्फ़ सोने-चांदी में निवेश से नहीं है. जो लोग शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं, वो भी नुक़सान का सामना कर रहे हैं. सोने-चांदी की क़ीमत में उथल-पुथल पर आगे बढ़ने से पहले आपको आज शेयर बाज़ार में आई भारी गिरावट के बारे में भी जानना चाहिए.आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में 1,048 प्वाइंट की गिरावट आई और ये 82,627 प्वाइंट पर बंद हुआ. इस भारी गिरावट की वजह से निवेशकों को 7 लाख 40 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
सोचिए, सिर्फ 2 दिनों में शेयर बाज़ार के निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की रकम डूब गई. अगर 29 जनवरी से लेकर 12 फरवरी के बीच सोने-चांदी के निवेशकों को नुक़सान की बात करें तो ये आंकड़ा क़रीब 2 लाख करोड़ रुपये का है. यानी दोनों को मिलाकर, निवेशकों के 12 लाख करोड़ रुपये डूब गए.
क्यों मची शेयर बाजार में ये उथल-पुथल?
अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद लग रहा था कि अब बाज़ार में निवेशकों का भरोसा एक बार फिर लौटेगा लेकिन यहां तो बाज़ार एक बार फिर गोता लगा रहा है. निवेशकों का पैसा बढ़ने के बदले कम हो रहा है. शेयर बाज़ार में अस्थिरता का ये दौर पिछले कई महीनों से लगातार जारी है.
दुनिया में युद्ध की स्थिति और व्यापार को लेकर तनातनी की वजह से जारी अनिश्चितता के कारण शेयर बाज़ार में उथल-पुथल बना रहा. इसके कारण लोगों ने सुरक्षित निवेश समझकर सोने-चांदी की तरफ़ रुख़ किया. यहां पर आपको निवेश का एक और आंकड़ा जानना चाहिए.
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के मुताबिक़ जनवरी के महीने में गोल्ड और सिल्वर ETF में 33,503 करोड़ रुपये का निवेश किया गया जो कि एक रिकॉर्ड है. ये इक्विटी म्युचुअल फंड से भी ज़्यादा है.एक महीने पहले यानी दिसंबर 2025 में 15,600 करोड़ रुपये का निवेश गोल्ड और सिल्वर ETF में किया गया था. यानी एक महीने में ही गोल्ड और सिल्वर EFT में निवेश दोगुने से ज़्यादा हो गया.
लोगों के टूट गए अमीर बनने के सपने
सोचिए, लोगों ने पैसा ये सोचकर लगाया होगा कि गोल्ड और सिल्वर के बढ़ते दाम से वो भी अमीर हो जाएंगे. लेकिन मुनाफा तो दूर, अब वो अपना मूलधन भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं. 29 जनवरी यानी जिस दिन सोने-चांदी का दाम सबसे ज़्यादा था, तब से 12 फरवरी तक गोल्ड ETF में 15 से 20 प्रतिशत तक गिरावट आई है.
इसी तरह सिल्वर ETF में इस दौरान 31-38% तक की गिरावट आई है. गोल्ड और सिल्वर ETF सोने-चांदी में निवेश का एक आधुनिक और डिजिटल तरीका है. ज़्यादातर समझदार निवेशक इसमें पैसा लगाते हैं लेकिन वो भी ये अंदाज़ा नहीं लगा पाए कि 2 हफ्ते के भीतर सोने-चांदी का भाव आसमान से ज़मीन पर पहुंच जाएगा. सोने-चांदी में निवेश का एक तरीका डिजिटल गोल्ड की खरीदारी भी है. लोग अपने मोबाइल फ़ोन के ज़रिए आसानी से डिजिटल गोल्ड में निवेश करते हैं.
नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI के मुताबिक़ जनवरी महीने में लगभग 4,000 करोड़ का डिजिटल गोल्ड लोगों ने ख़रीदा. ये अब तक की सबसे ज्यादा खरीदारी है. लोगों ने अच्छा निवेश समझकर ही डिजिटल गोल्ड ख़रीदा होगा लेकिन गिरावट की आंधी में उम्मीदें टूट गईं. जिनको पैसे की ज़रूरत होगी, उन्हें घाटे में ही अपना डिजिटल गोल्ड बेचना पड़ेगा.






