संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की एक हालिया रिपोर्ट ने भारत की सुरक्षा चिंताओं पर मुहर लगाते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और पिछले साल दिल्ली में हुए भीषण हमले के बीच सीधा संबंध होने का खुलासा किया है। संयुक्त राष्ट्र की ‘विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी टीम’ द्वारा जारी 37वीं रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि 9 नवंबर (2025) को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इस आत्मघाती हमले में 15 निर्दोष नागरिकों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, एक सदस्य देश ने पुष्टि की है कि जैश-ए-मोहम्मद न केवल इस हमले में शामिल था, बल्कि उसने कई अन्य आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।
विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल द्वारा ‘इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवांत’ (आईएसआईएल) और अल-कायदा से संबंधित ‘सुरक्षा परिषद 1267 प्रतिबंध समिति’ को दी गई 37वीं रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘एक सदस्य देश ने उल्लेख किया कि जैश-ए-मोहम्मद ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। यह भी बताया गया कि जैश-ए-मोहम्मद का संबंध नौ नवंबर को नयी दिल्ली के लालकिले के पास हुए उस हमले से भी है जिसमें 15 लोग मारे गए थे।’’
यहां जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले साल आठ अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद के नेता मोहम्मद मसूद अजहर अल्वी ने ‘‘महिलाओं की एक विशेष शाखा जमात उल-मुमिनात की स्थापना की औपचारिक रूप से घोषणा की थी जिसका उद्देश्य आतंकवादी हमलों का समर्थन करना है।’’
रिपोर्ट में कहा गया कि जहां एक अन्य सदस्य देश ने जैश-ए-मोहम्मद के निष्क्रिय होने की सूचना दी, वहीं ‘‘अलग से यह भी बताया गया कि 28 जुलाई को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में कथित तौर पर शामिल तीन व्यक्ति मारे गए।’’
नयी दिल्ली के लालकिला के पास हुए एक कार विस्फोट में करीब 15 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से नयी दिल्ली में बृहस्पतिवार को साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान यूएनएससी रिपोर्ट पर टिप्पणी मांगे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘आप जिस विशेष रिपोर्ट का जिक्र कर रहे हैं, वह सार्वजनिक है। यह ऑनलाइन उपलब्ध है। यह विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी दल की 37वीं रिपोर्ट है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यह चार फरवरी, 2026 को प्रकाशित हुई थी।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमने देखा है कि उन्होंने सीमा-पार आतंकवाद पर हमारी चिंता के संबंध में और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को कैसे मजबूत किया जा सकता है, इस बारे में भारत द्वारा दी गई जानकारी को शामिल किया है।’’
यूएनएससी रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (एक्यूआईएस) दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में सक्रिय है जहां हक्कानी नेटवर्क का काफी प्रभाव है।
रिपोर्ट में कहा गया कि आईएसआईएल-के मुख्य रूप से उत्तरी अफगानिस्तान में, विशेषकर बदख्शान में और पाकिस्तान सीमा के नजदीक के क्षेत्रों में सक्रिय है।



