Thursday, February 12, 2026
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Sudan Boat Accident: नील नदी में डूबी यात्रियों से भरी नाव, महिलाओं-बच्चों समेत 15 की दर्दनाक मौत

Sudan Boat Accident: नील नदी में डूबी यात्रियों से भरी नाव, महिलाओं-बच्चों समेत 15 की दर्दनाक मौत

सूडान में नील नदी में एक यात्री नौका पलट जाने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। चिकित्सकों के एक समूह ने यह जानकारी दी।
देश में जारी युद्ध पर नजर रखने वाले चिकित्सकों के समूह ‘सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क’ ने बताया कि महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 27 लोगों को लेकर जा रही नौका उत्तरी नील नदी प्रांत में डूब गई।
समूह ने कहा कि कम से कम 15 लोगों के शव बरामद किए गए हैं तथा स्थानीय निवासी एवं बचाव दल अब भी कम से कम छह अन्य लोगों की तलाश कर रहे थे।
उसने बताया कि छह लोगों को बचा लिया गया।

 

ग्रुप ने अधिकारियों से तलाशी के काम में तेज़ी लाने के लिए खास बचाव दल और सामान तैनात करने की अपील की। इस अफ्रीकी देश के पानी के रास्तों पर ओवरलोड नावों पर ऐसी दुखद घटनाएं आम हैं, जहाँ अक्सर सुरक्षा उपायों को नज़रअंदाज़ किया जाता है।

 

दुनिया की सबसे लंबी नदी 

नील नदी की लंबाई लगभग 6,650 किलोमीटर है। यह अफ्रीका महाद्वीप के एक बड़े हिस्से से होकर बहती है और अंत में भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) में जाकर गिरती है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इतिहासकार हेरोडोटस ने नील नदी को “मिस्र का वरदान” (Gift of the Nile) कहा था। इसका कारण यह है कि प्राचीन मिस्र की पूरी सभ्यता इसी नदी के किनारे विकसित हुई। अगर नील नदी न होती, तो मिस्र का अधिकांश हिस्सा आज केवल एक रेगिस्तान होता। नील नदी मुख्य रूप से दो बड़ी सहायक नदियों से मिलकर बनती है:सफेद नील (White Nile): इसका स्रोत मध्य अफ्रीका की ‘विक्टोरिया झील’ माना जाता है। नीली नील (Blue Nile): इसका स्रोत इथियोपिया की ‘ताना झील’ है। ये दोनों नदियाँ सूडान की राजधानी खार्तूम में आपस में मिलती हैं, जहाँ से इसे मुख्य ‘नील नदी’ कहा जाता है।  

me.sumitji@gmail.com

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