Thursday, February 12, 2026
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भारतˈ में है भूतों की राजधानी! यहां हर साल लगता है ‘प्रेतों का मेला’. रात को पिशाच करते हैं ऐसा नंगा नाच कि कैमरा भी नहीं कर पाता रिकॉर्डˌ!

भारतˈ में है भूतों की राजधानी! यहां हर साल लगता है ‘प्रेतों का मेला’. रात को पिशाच करते हैं ऐसा नंगा नाच कि कैमरा भी नहीं कर पाता रिकॉर्डˌ
भारतˈ में है भूतों की राजधानी! यहां हर साल लगता है ‘प्रेतों का मेला’. रात को पिशाच करते हैं ऐसा नंगा नाच कि कैमरा भी नहीं कर पाता रिकॉर्डˌ

Ghost Fair in Bihar: आज के समय में विज्ञान ने बहुत प्रगति कर ली है। विज्ञान ने हर क्षेत्र में लोगों का काम आसान बना दिया है। लेकिन शिक्षा की कमी और चीजों के बारे में जानकारी की कमी के कारण देश के कई इलाकों में आज भी अंधविश्वास लोगों पर हावी है।

देश में कई ऐसी जगहें हैं जहां लोग आज भी अंधविश्वास पर पूरा यकीन करते हैं। ऐसी ही भारत में एक ऐसी जगह है जहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर भूतों का मेला (Ghost Fair in Bihar) लगता है।

इस जिले में लगता है भूतों का मेला

आपको बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर बिहार के हाजीपुर के कोनहारा घाट पर दुनिया का सबसे बड़ा भूतों का मेला (Ghost Fair in Bihar) लगता है. यह खेल कार्तिक पूर्णिमा से एक रात पहले शुरू होता है। रात भर चलने वाले इस अनुष्ठान को स्थानीय भाषा में भूत खेली कहा जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस मेले में जहां लाखों लोग बुरी आत्माओं से छुटकारा पाने के लिए आते हैं, वहीं भूतों को पकड़ने और भगाने का दावा करने वाले ओझा भी बड़ी संख्या में इस मेले में आते हैं और अपनी मंडली लगाते हैं।

प्रशासन के आंख के सामने चलता भूतों का मेला

कार्तिक पूर्णिमा को लेकर सभी घाटों पर प्रशासन अलर्ट पर रहते है. हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे रहते हैं.लेकिन ये पूरा खेल प्रशासन के आंख के सामने चलता रहता है. वैसे तो वैशाली जिले में दर्जनों स्वयंसेवी संस्थाएं काम कर रही हैं, लेकिन इनकी जमीनी हकीकत किसी से छुपी नहीं है. इनमें से अधिकतर संस्थाएं सरकारी योजनाओं में धांधली कर पैसा कमाने का काम करती हैं। अंधविश्वास के भूत (Ghost Fair in Bihar) को अगर कोई खत्म कर सकता है तो वह है शिक्षा।

me.sumitji@gmail.com

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