
क्या आपको अक्सर घुटनों, कमर, कंधों या दूसरे जोड़ों में दर्द महसूस होता है? कई लोग सालों तक दर्द की गोलियां लेते रहते हैं, लेकिन फिर भी स्थायी आराम नहीं मिल पाता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर painkillers सिर्फ दर्द और सूजन को कम करती हैं, लेकिन अंदर से हड्डियों और जोड़ों को मजबूत नहीं बनातीं।
इसे ऐसे समझिए जैसे जंग लगे लोहे पर ऊपर से टेप लगा दिया जाए। ऊपर से सब ठीक लगता है, लेकिन अंदर जंग बढ़ती रहती है। जॉइंट पेन की असली जड़ तक पहुंचना जरूरी होता है।
अगर जॉइंट पेन की जड़ में जाएं, तो वहां अक्सर शरीर में कुछ कमियां देखने को मिलती हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। जैसे कैल्शियम और जरूरी मिनरल्स की कमी, जॉइंट लुब्रिकेशन की कमी, शरीर में सूजन और खराब ब्लड सर्कुलेशन। यही कारण धीरे-धीरे दर्द को बढ़ाते रहते हैं।
इसीलिए सिर्फ दर्द दबाने के बजाय शरीर को पोषण देना ज्यादा जरूरी होता है। इसी उद्देश्य से नीचे एक किचन बेस्ड पोषण मिश्रण बताया गया है, जो शरीर को अंदर से सपोर्ट कर सकता है।
Joint Strength Powder के लिए जरूरी चीजें
यह नुस्खा रोजमर्रा की चीजों से तैयार किया जा सकता है। सफेद तिल कैल्शियम का अच्छा स्रोत होता है। मखाना कैल्शियम, फास्फोरस और प्रोटीन देता है। बादाम विटामिन E और हेल्दी फैट्स देता है।
अलसी ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है। सोंठ ब्लड सर्कुलेशन को सपोर्ट करती है। हल्दी नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी होती है। काली मिर्च पोषक तत्वों के absorption में मदद करती है। स्वाद के लिए मिश्री या गुड़ डाला जा सकता है, लेकिन डायबिटीज में इसे नहीं डालना चाहिए।
मात्रा (लगभग)
तिल, बादाम और मखाना – 40-40 ग्राम
अलसी – 20 ग्राम
सोंठ पाउडर – 5 ग्राम
हल्दी पाउडर – 5 ग्राम
काली मिर्च पाउडर – 2 ग्राम
मिश्री या गुड़ – 10 ग्राम (optional)
बनाने का तरीका: तिल, मखाना, बादाम और अलसी को हल्की आंच पर अलग-अलग ड्राई रोस्ट करें। इसके बाद इन्हें ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसमें सोंठ, हल्दी, काली मिर्च और गुड़ मिलाएं। अब इन सभी चीजों को ग्राइंडर में बारीक पीस लें और एयर टाइट कंटेनर में स्टोर कर लें।
सेवन कैसे करें: रोज रात को एक चम्मच पाउडर हल्के गर्म दूध के साथ लिया जा सकता है। चाहें तो इसमें एक चम्मच देसी घी भी मिला सकते हैं। अगर कोलेस्ट्रॉल या वजन की समस्या है, तो दूध की जगह गुनगुना पानी लिया जा सकता है। कमजोर डाइजेशन वाले लोग इसे सुबह नाश्ते के बाद दही के साथ ले सकते हैं।
बेहतर रिजल्ट के लिए जरूरी आदतें: रोज 10 से 15 मिनट धूप में बैठना जरूरी है ताकि शरीर को विटामिन D मिल सके। हल्की एक्सरसाइज या रोजाना वॉक करना भी जरूरी है। डाइट में सहजन पत्ते, रागी और आंवला शामिल करना फायदेमंद होता है। इस मिश्रण को कम से कम 8 से 12 हफ्ते तक नियमित लेना चाहिए।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए: जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें सावधानी रखनी चाहिए। नट्स से एलर्जी वाले लोग इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ब्लड थिनर दवाइयां लेने वाले, थायरॉइड मरीज और 10 साल से छोटे बच्चों को भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेना चाहिए। डायबिटीज में मिश्री या गुड़ नहीं डालना चाहिए।
Health Disclaimer: यह जानकारी सामान्य शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय को लंबे समय तक अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





