
यवतमाल : महाराष्ट्र का एक वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। मामला उमरखेड नगर परिषद के एक स्कूल का है। यहां 31 जवनरी को एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने एक पाकिस्तान के देशभक्ति गीत पर डांस किया, इस दौरान बच्चों के हाथ में तलवारें नजर आईं। इस डांस का वीडियो वायरल होने के बाद घमासान शुरू हो गया। आनन-फानन में शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं भाजपा नगरसेवक गोपाल कलाने ने पुलिस से शिकायत भी की है।
बीजेपी पार्षद गोपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम सत्तारूढ़ जनशक्ति पैनल के महापौर, अध्यक्ष और नगरसेवकों की उपस्थिति में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि यवतमाल का सरकारी उर्दू स्कूल बच्चों को नन्हे मुजाहिद बना रहा है?
गाने में इस्लाम के दुश्मनों पर हमले की बात
बीजेपी पार्षद ने कहा कि स्कूल में पाकिस्तानी सेना के 1965 के युद्ध गीत पर तलवारों के साथ डांस किया गया। इस गाने में इस्लाम के दुश्मनों पर हमले का आह्वान किया गया है। बच्चे इस गाने पर नाच रहे हैं और नंगी तलवारें घुमा रहे हैं। गोपाल कलाने ने कहा कि यह शिक्षा नहीं है, यह तो करदाताओं के पैसे पर किया जा रहा शुद्ध दुष्प्रचार और भारत-विरोधी प्रचार है।
गोपाल कलाने ने कहा कि यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इसे फैलने से पहले ही बंद करो। गोपाल कलाने ने कहा कि 196, 197 के साथ-साथ भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए भारतीय न्यायिक संहिता की धारा 152 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है।
भड़की बीजेपी
भाजपा महासचिव महेश कालेश्वरकर ने कहा कि छात्रों द्वारा प्रस्तुत गीत पाकिस्तान का देशभक्ति गीत है। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान, पाकिस्तान में सैनिकों और नागरिकों को लड़ने के लिए प्रेरित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए इसे गाया गया था। आज भी यह गाना पाकिस्तान में सैन्य और राष्ट्रीय समारोहों में गाया जाता है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूल में छात्रों से इस तरह का देश विरोधी गाना लेना और उस पर डांस कराना गंभीर मामला है। कालेस्वरकर ने यह भी कहा है कि इससे छात्रों के युवा दिमाग में देश विरोधी विचार पनपने का खतरा है। बीजेपी नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक पुलिस मामला दर्ज नहीं कर लेती तब तक हम आंदोलन जारी रखेंगे।
पुलिस ने शुरू की जांच
नगर के परिषदीय विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में किये गये डांस को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है। थानेदार शंकर पांचाल ने बताया कि जांच चल रही है। शिक्षा अध्यक्ष ने आरोपों को खारिज कर दिया। 31 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया गीत 1857 के स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित था। इस गीत के माध्यम से छात्रों में देश के लिए योगदान देने की भावना पैदा करने का प्रयास किया गया था। शिक्षा अध्यक्ष रसूल पटेल ने कहा कि किसी भी धर्म का प्रचार करने या राष्ट्रीय अखंडता को खतरा पहुंचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।



