
किसी के भी परिवार में अगर कोई बीमार हो जाता है, तो पूरा घर परेशान हो जाता है। ऐसे में अगर कोई कोमा में चला जाए तो परेशानी और बेचैनी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। पूरा परिवार उम्मीद थामे रहता है कि कब वह उस तीखी नींद से जागेगा। कई बार लोग कोशिश करते हैं और अपने प्रिय को कोमा जैसी स्थिति से बाहर निकाल लाते हैं। ऐसा ही एक केस चीन से सामने आया है, जहां पर 55 दिनों से कोमा में लेटे एक लड़के को उसके दोस्तों की आवाज ने वहां से वापस आने के लिए प्रेरित किया। उसके परिवार का 55 दिनों का यह संघर्ष वहां पर खत्म हुआ।
चीनी मीडिया के मुताबिक हुनान राज्य के यूयांग का रहने वाला चूशी पिछले साल नवंबर में हुए एक सड़क हादसे की वजह से कोमा में चला गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने साफ कर दिया था कि उसके होश में आने की संभावना बेहद कम है, हालांकि इसके बाद भी उसके परिवार ने हार नहीं मानीं और लगातार उसकी देखभाल करते रहे।
इस दौरान डॉक्टरों ने भी परिवार को उसके पास रहने की इजाजत दे दी। हालांकि, चूशी की मां का दिल नहीं माना। उन्होंने चीन के बड़े-बड़े अस्पतालों में उसे दिखाया और डॉक्टरों से सलाह ली। डॉक्टरों ने उसे परिचितों की आवाज के जरिए दिमाग को उत्तेजित करने की बात कही। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। डॉक्टरों की बात को मानकर चूशी की मां ने अपने सारे रिश्तेदारों के वीडियो कॉल से उसकी बात करवानी शुरू की। लेकिन ज्यादा कुछ असर नहीं हुआ।
इसके बाद भी उसकी मां ने हार नहीं मानी और वह चूशी के स्कूल गई और वहां पर लोगों से चूशी के लिए एक वीडियो संदेश बनाने का आग्रह किया। इसके बाद चूशी के शिक्षकों, साथ में पढ़ने वालों और दोस्तों ने अपने-अपने अंदाज में उसके लिए वीडियो रिकॉर्ड किए। कुछ लोग उसका नाम पुकारते और फिर उसे जल्दी उठने के लिए प्रोत्साहित करते।
एक लड़के ने चूशी के लिए बनाए अपने वीडियो संदेश में कहा, “उठो चूशी, जल्दी उठो… चलो फुटबॉल खेलने चलते हैं।” एक लड़की ने कहा, “हमें तुम्हारी बहुत याद आ रही है। अगर तुम हमें सुन पा रहे हो, तो अपनी आंखें खोलो, पेपर आने वाले हैं और पूरी क्लास को तुम्हारा इंतजार है। एक और लड़के ने चूशी का पसंदीदा गाना गाया, जबकि बाकी बच्चों ने कक्षा से जुड़ी मज़ेदार बातें साझा कीं। चूशी की मां उसके शिक्षक द्वारा रिकॉर्ड की गई गणित की कक्षाएं भी रोज उसके बिस्तर के पास चलाती थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने साथी छात्रों की बात सुनने के बाद चूशी का शरीर धीरे-धीरे हरकत करने लगा। कुछ दिनों बाद, अपने शिक्षक की आवाज सुनकर वह मुस्कराया। 55वें दिन उसे होश आ गया और वह अपना बायां हाथ भी हिलाने में सक्षम हो गया।
इसके बाद शिक्षक और सहपाठी अस्पताल में उससे मिलने पहुंचे और उसके लिए खिलौने और कार्ड लेकर आए। शिक्षक ने मजाक में लियू से कहा कि उसे होमवर्क से छूट दे दी जाएगी। यह सुनकर लड़के ने आंखें खोलने और खुशी से हाथ हिलाने की कोशिश की। मीडिया से बातचीत में लियू की मां ने कहा,“आखिरकार मुझे बादलों के पीछे से सूरज दिखाई दिया। सचमुच एक चमत्कार हुआ है।” रिपोर्ट्स के मुताबिक चूशी की हालात में फिलहाल सुधार हो रहा है, लेकिन पूरी तरह से ठीक होने में उसे अभी थोड़ा वक्त लगेगा।






