प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए देशभर में प्रयास जारी हैं. हर राज्य अपनेअपने स्तर पर नईनई स्कीम लॉन्च कर रहे हैं. इस बीच तेलंगाना सरकार ने पेट्रोल और डीजल से चलने वाले पुराने ऑटो रिक्शा को इलेक्ट्रिक वाहन में बदलने के लिए नई स्कीम शुरू की है. इसे ‘तेलंगाना ऑटो रिक्शा इलेक्ट्रिक कन्वर्जन स्कीम2026’ नाम दिया गया है. इस योजना का मकसद हैदराबाद में प्रदूषण कम करना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ज्यादा साफ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना और ऑटो चालकों का ईंधन खर्च कम करना है.

राज्य के परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने बताया कि इस योजना के तहत योग्य पेट्रोल और डीजल ऑटो को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहन में बदला जाएगा. इसके अलावा जो लोग पुराना ऑटो बदलना चाहते हैं, उन्हें नया इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने का विकल्प भी दिया जाएगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। सरकार ने इस योजना को हाल ही में कैबिनेट से मंजूरी दिलाई है. इसे तेलंगाना राइजिंग विजन2047 के लक्ष्य से भी जोड़ा गया है.

18,766 ऑटो योजना में शामिल

सरकार के मुताबिक CURE क्षेत्र में अभी 18,766 ऐसे ऑटो रिक्शा चल रहे हैं, जो इस योजना के लिए योग्य हो सकते हैं. इनमें 11,254 डीजल और 7,512 पेट्रोल ऑटो शामिल हैं. सरकार ने ऑटो मालिकों के लिए दो विकल्प रखे हैं. पहला विकल्प मौजूदा ऑटो को ही इलेक्ट्रिक बनाना है. इसके लिए पुराने ऑटो के चेसिस को रखते हुए AIS123 मानकों के तहत मंजूर इलेक्ट्रिक किट लगाई जाएगी. सरकार इसके लिए अधिकतम ₹1.50 लाख या वास्तविक लागत, जो भी कम हो, उतनी आर्थिक मदद देगी. इस रकम में इलेक्ट्रिक किट, उसे लगाने का खर्च और जरूरी फिटमेंट शामिल होंगे. ऑटो मालिक फिक्स्ड बैटरी या निकालकर बदलने वाली बैटरी किट में से विकल्प चुन सकेंगे.

नया इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर भी सब्सिडी

दूसरा विकल्प पुराने पेट्रोल या डीजल ऑटो को जमा करके नया इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदना है. ऐसे लोगों को नए फैक्ट्रीनिर्मित और सरकार से मंजूर इलेक्ट्रिक पैसेंजर थ्रीव्हीलर के लिए ₹1.50 लाख की तय सब्सिडी मिलेगी. इसमें डीलर वाहन की ऑनरोड कीमत में से सब्सिडी की रकम पहले ही घटा देगा. इससे लाभार्थी को शुरुआत में कम रकम देनी होगी.