Noida Crime News: दिल्ली से सटे नोएडा के फेज 3 थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां बापबेटे के पवित्र रिश्ते का खौफनाक अंत हो गया. पिता द्वारा लगाई जा रही लगातार पाबंदियों और अत्यधिक सख्ती से मानसिक दबाव में आए 16 साल के एक नाबालिग ने सोते समय अपने पिता की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खून से सने कपड़े बदले, पिता की तस्वीर पर माला चढ़ाई, कमरे को बाहर से ताला लगाया और फिर मेट्रो के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली.

इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. मृतक पिता की पहचान 45 वर्षीय राजू शर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से झारखंड के बोकारो स्टील सिटी के रहने वाले थे और नोएडा में ट्यूशन पढ़ाते थे. पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच के अनुसार, घटना बुधवार देर रात की है. अजनारा सोसाइटी इलाके में किराए के कमरे में रह रहे राजू शर्मा जब सो रहे थे, तभी उनके नाबालिग बेटे ने कुल्हाड़ी से उन पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
हत्या के बाद नाबालिग बेटे का व्यवहार चौंकाने वाला रहा. उसने शांति से अपने खून से सने कपड़े बदले और कमरे में रखी अपने पिता की फोटो पर फूलमाला चढ़ाई. इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा बाहर से लॉक किया और पिता का मोबाइल व बैग लेकर निकल गया. वह सीधा मेट्रो स्टेशन पहुंचा, जहां कुछ देर इधरउधर घूमने के बाद उसने आती हुई मेट्रो ट्रेन के आगे छलांग लगा दी. मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई.
बैग में मिले मोबाइल से खुली खौफनाक वारदात की परतें
घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मेट्रो पुलिस को नाबालिग के पास मिले बैग से एक मोबाइल और कमरे की चाबियां मिलीं. मोबाइल के आधार पर पुलिस ने नाबालिग की मां से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही अलग रह रही मां और परिवार के अन्य लोग राजू शर्मा के किराए के कमरे पर पहुंचे. जब पुलिस की मौजूदगी में चाबी से दरवाजा खोला गया, तो अंदर का नजारा खौफनाक था. राजू शर्मा का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था और कमरे की दीवारों पर खून के छींटे फैले थे. पुलिस ने फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
12 साल पहले मातापिता का हुआ था तलाक, पढ़ाई छुड़ाने से तनाव में था बेटा
सेंट्रल जोन के DCP शैलेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि राजू शर्मा वर्ष 2005 में अपनी पत्नी के साथ नोएडा आए थे, लेकिन करीब 12 साल पहले उनका तलाक हो गया था. इसके बाद से बेटा अपने पिता के साथ ही रह रहा था. आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ में पता चला कि राजू शर्मा बेहद गुस्सैल स्वभाव के थे और उन्होंने अपने बेटे पर काफी कड़ी पाबंदियां लगा रखी थीं.
पिता को डर था कि बाहर निकलने पर बेटा गलत संगत में पड़ जाएगा, इसलिए उसे घर से बाहर निकलने तक की इजाजत नहीं थी. पढ़ाई को लेकर अत्यधिक सख्ती बरतते हुए पिता ने 11वीं कक्षा के बाद बेटे की पढ़ाई भी छुड़ा दी थी. लगातार हो रही इस कड़े व्यवहार और मानसिक तनाव के कारण नाबालिग काफी परेशान रहता था.
मानसिक दबाव बना खूनी अंत का कारण
पड़ोसियों के अनुसार, राजू शर्मा और उनके बेटे के बीच आए दिन पाबंदियों को लेकर विवाद होता रहता था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। कई बार स्थानीय लोगों ने राजू शर्मा को समझाने की कोशिश की थी कि बच्चे पर इतनी सख्ती न करें, लेकिन वह किसी की बात नहीं सुनते थे. किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि लगातार बन रहा मानसिक दबाव एक दिन इतने खौफनाक मोड़ पर खत्म होगा. फिलहाल, पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर मामले की विस्तृत कानूनी जांच शुरू कर दी है.



